एक्टर जिसे एक ही वक्त पर मिली थीं 400 फिल्में, फिर क्यों पड़ गया 'वन फिल्म वंडर' का ठप्पा?
Bollywood Kissa: आमिर ने बताया कि उन शुरुआती फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें सबसे बड़ा सबक दिया। उन्हें समझ आया कि बिना सोचे-समझे फिल्में साइन करना उनके करियर के लिए घातक हो सकता है।

साल 1988 में जब फिल्म 'कयामत से कयामत तक' रिलीज हुई तो आमिर खान रातों-रात सुपरस्टार बन गए। लेकिन इसी फिल्म ने उन्हें उनके करियर का वो शॉकिंग फॉल भी दिया, जिसकी वजह से लोग उन्हें 'वन फिल्म वंडर' कहने लग गए थे। आमिर खान ने एक इवेंट के दौरान यह किस्सा सुनाया था कि कैसे लोगों का प्यार ही उनके लिए मुसीबत बन गया था। आमिर ने बताया कि पहली फिल्म की जबरदस्त सक्सेस के बाद उनके पास फिल्मों की बाढ़ आ गई थी। उस वक्त आलम यह था कि उन्हें हर रोज करीब 15 से 20 फिल्मों के ऑफर मिलते थे। उनके पास कुल मिलाकर 300 से 400 फिल्मों के ऑफर आए थे।
फिल्मों के मामले में सबसे पीछे थे अनिल कपूर
आमिर खान ने बताया कि तब बॉलीवुड का कल्चर आज के मुकाबले अलग था। आमिर ने बताया कि उस वक्त टॉप एक्टर्स एक साथ 30, 40 या 50 फिल्में साइन कर लिया करते थे। तब फिल्म इंफॉर्मेशन नाम की एक लिस्ट आती थी, जिसमें बताया जाता था कि किस एक्टर के पास कितनी फिल्में हैं। आमिर ने बताया कि तब अनिल कपूर के पास सबसे कम फिल्में थीं। वह एक ही वक्त में करीब 33 फिल्में कर रहे थे। नए होने के चलते आमिर को नहीं पता था कि एक साथ कई फिल्में साइन करना कितनी बड़ी जिम्मेदारी होती है।
आमिर खान कैसे बन गए थे 'वन फिल्म वंडर'
आमिर खान ने भी 10 फिल्में साइन कर लीं। उनके करियर का ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर गया था, उतनी ही तेजी से नीचे भी आने लगा। 'कयामत से कयामत तक' के बाद उनकी दूसरी फिल्म 'राख' आई, जो क्रिटिक्स को तो पसंद आई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली। इसके बाद आई 'लव लव लव' और 'अव्वल नंबर' भी फैंस को खास पसंद नहीं आईं। लगातार फ्लॉप होती फिल्मों की वजह से आमिर खान को 'वन फिल्म वंडर' का टैग मिल गया।
आमिर खान को गलतियों से मिला यह बड़ा सबक
आमिर ने स्वीकार किया कि तब मीडिया की बात सही थी और वह वाकई एक 'वन फिल्म वंडर' ही नजर आ रहे थे। आमिर ने बताया कि उन शुरुआती फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें सबसे बड़ा सबक दिया। उन्हें समझ आया कि बिना सोचे-समझे फिल्में साइन करना उनके करियर के लिए घातक हो सकता है। यहीं से उनके काम करने का अंदाज बदला और उन्होंने फिल्मों की संख्या के बजाय उनकी क्वालिटी पर ध्यान देना शुरू किया। मालूम हो कि आमिर खान लंबे वक्त से एक बार में एक ही फिल्म करने के लिए जाने जाते हैं।
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