
आमिर खान अपनी फिल्मों में कैसे ला पाते हैं इतने डीप इमोशन्स? बचपन में मां से मिला था यह जरूरी सबक
Aamir Khan: बचपन में मां से आमिर खान को मिली थी यह जरूरी सीख। इसी वजह से फिल्मों में ला पाते हैं रुला देने वाले इमोशन्स।
बचपन में मां-बाप की दी हुई सीखें जिंदगी भर हमारे साथ रहती हैं। आमिर खान को भी उनकी मां ने बचपन में एक ऐसी ही सीख दी थी, जिसकी वजह से उनकी बनाई फिल्मों में इमोशन्स का लेवल इतना हाई रहता है कि आप उन्हें महसूस कर पाते हैं। आमिर खान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि स्कूल में जब वो एक कॉम्पटिशन खेलने के बाद घर लौटे तो उनके साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया था। आमिर खान ने बताया कि यह बात आज तक उनके जेहन में रहती है।
आमिर खान को मां से मिला यह सबक
आमिर खान ने इंटरव्यू के दौरान बताया, "टूर्नामेंट्स के दौरान वो (मां) मेरा इंतजार किया करती थीं। जब भी मैं घर लौटता तो वो पहली शख्स होती थीं जो मेरे लिए दरवाजा खोलती थीं। मैं शायद 11 या 12 साल का रहा होऊंगा। एक बार जब मैं घर लौटा तो उन्होंने मुझसे पूछा कि तुम जीते या हारे? मैंने कहा कि मैं जीत गया। वो बहुत खुश हुईं और उन्होंने मुझे गले लगाया। हम साथ में चाय पीने बैठे और जब वो चाय पी रही थीं तो वह कुछ सोच रही थीं। मुझे लगा कि वो खुद से बात कर रही हैं।"
एक पल में बदल गई थी उनकी सोच
आमिर खान ने बताया, "उन्होंने कहा कि तुम्हें पता है जो लड़का आज तुमसे आज हारा होगा, वो आज जब घर पहुंचा होगा तो उसकी मां ने भी उससे यही सवाल पूछा होगा जो मैंने तुमसे पूछा। तो उस लड़के की मां को अभी बहुत बुरा लग रहा होगा। यह बात मुझे भीतर तक बहुत बुरी तरह हिला गई। अचानक वो लड़का मेरे लिए एक इंसान बन गया था जिसके लिए मुझे मानवीय संवेदनाएं महसूस हो रही थीं। अब वो मेरा खेल वाला प्रतिद्वंद्वी नहीं रहा।" आमिर खान को उनकी मां से मिली यह सीख हमेशा उनके साथ रही।

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