1999 की वो सुपरहिट फिल्म जिसका सेंसर बोर्ड ने किया विरोध, डायरेक्टर ने दी धमकी, रिलीज के बाद जीता नेशनल अवॉर्ड
साल 1999 में बॉलीवुड में एक ऐसी देशभक्ति वाली फिल्म रिलीज हुई जिसका सेंसर बोर्ड ने काफी विरोध किया था। फिल्म में पाकिस्तान को आतंकवाद से जोड़ा गया था। इस बात पर ही सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी। हालांकि, जब ये फिल्म रिलीज हुई तो इसने नेशनल अवॉर्ड जीता।

फिल्म धुरंधर में आतंकवाद को पाकिस्तान से जोड़कर दिखाया गया है और आदित्य धर की इसलिए जमकर सरहाना भी हो रही है। फिल्म की कहानी तो लोगों को पसंद आ ही रही है, लेकिन इसी के साथ लोगों को पसंद आ रहा है कि कैसे आदित्य धर ने पाकिस्तान की सच्चाई को पर्दे पर उतारा है। पर क्या आप जानते हैं साल 1999 में एक ऐसी फिल्म बनी थी जिसमें पाकिस्तान को आतंकवाद से जोड़कर दिखाया गया और सीबीएफसी ने इस बात पर आपत्ति जताई थी? इस फिल्म का नाम था सरफरोश। आमिर खान लीड रोल में थे और फिल्म जब रिलीज हुई तो उसने नेशनल अवॉर्ड जीता।
उस वक्त की बोल्ड फिल्मों में गिनी जाती है सरफरोश
सरफरोश उस वक्त की एक बोल्ड फिल्म मानी जाती है क्योंकि पहली बार था जब भारत में हो रहीं आंतकवादी घटनाओं को पाकिस्तान और आईएसआई से जोड़कर दिखाया गया। 1999 ही वो दौर था जब तब उस वक्त के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने तय किया था कि भारत और पाकिस्तान के मुद्दे को बातचीत के जरिए सुधारा जाएगा। उन्होंने भारत से लाहौर के बीच बस सर्विस की पहल की। खुद अटल बिहारी वाजपेयी बस से पाकिस्तान गए और उस वक्त के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की।
सेंसर बोर्ड को फिल्म से थी क्या आपत्ति?
एक तरफ देश के अटल बिहारी वाजपेयी जहां भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में बातचीत के जरिए सुधार लाने का प्रयास कर रहे थे। वहीं, दूसरी तरफ जॉन मैथ्यू माथन ने सरफरोश जैसी बोल्ड फिल्म सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजी थी। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में पाकिस्तान और आईएसआई के नाम लेने पर आपत्ति जताई। सेंसर बोर्ड के सदस्यों का मानना था कि अगर बातचीत की पहल के बीच एक ऐसी फिल्म रिलीज की जाए जिसमें आतंकवाद को पाकिस्तान से जोड़कर दिखाया जाएगा तो इससे गलत संदेश जाएगा। सेंसर बोर्ड ने फिल्म पास करने से मना कर दिया।
डायरेक्टर जॉन ने दी सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी
सेंसर बोर्ड का कहना था कि अगर फिल्म से पाकिस्तान और आईएसआई का नाम हटाया जाएगा तभी फिल्म को सर्टिफिकेट मिलेगा, लेकिन फिल्म के डायरेक्टर ने ऐसा करने से मना कर दिया। जॉन मैथ्यू माथन का कहना था फिल्म में जो दिखाया गया है वो सच है और वो इसे फिल्म से नहीं हटाएंगे। सेंसर बोर्ड ने कहा कि वो फिल्म को पास नहीं करेंगे। इसके बाद फिल्म के डायरेक्टर जॉन ने सेंसर बोर्ड को धमकी दी कि वो इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। फिर क्या था, सेंसर बोर्ड को झुकना पड़ा और उन्होंने फिल्म को पास किया और फिल्म 30 अप्रैल, 1999 को रिलीज हुई।
1993 में आमिर खान को सुनाई गई थी फिल्म की कहानी
डायरेक्टर जॉन ने आमिर खान को इस फिल्म की कहानी साल 1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के एक दिन बाद सुनाई थी। हालांकि, उस वक्त आमिर खान अपनी दूसरी फिल्मों में व्यस्त थे जिस वजह से साल 1995 तक फिल्म की शूटिंग शुरू नहीं हो पाई। 1995 में शुरू हुई इस फिल्म को बनने में करीब तीन साल लग गए।
फिल्म ने जीता नेशनल अवॉर्ड
सरफरोश को आमिर खान के करियर की अहम फिल्मों में से एक माना जाता है। इस फिल्म का सेंसर बोर्ड ने भले ही विरोध किया हो, लेकिन फिल्म जब रिलीज हुई तो लोगों को काफी पसंद आई। बॉक्स ऑफिस पर आमिर खान की सरफरोश सुपरहिट साबित हुई। boxofficeindia.com के मुताबिक, फिल्म का बजट करीब 8 करोड़ था। वहीं, फिल्म ने भारत में 30.37 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की थी। ये फिल्म इतनी ज्यादा पसंद की गई कि साल 2000 में इस फिल्म को बेस्ट पॉपुलर फिल्म प्रोवाइडिंग व्होलसम एंटरटेनमेंट की कैटेगरी में नेशनल अवॉर्ड भी मिला।
ये फिल्म आमिर खान के करियर के लिए तो शानदार साबित हई थी, लेकिन फिल्म में सोनाली बेंद्रे के रोल को भी खूब पसंद किया गया। आज भी जब लोग सरफरोश की बात करते हैं तो सोनाली बेंद्रे की बात जरूर करते हैं।
फिल्म का प्लॉट और अहम किरदार
फिल्म में आमिर खान ने एसीपी अजय सिंह राठौड़ का किरदार निभाया है। अजय सिंह के भाई की मौत एक आतंकवादी हमले में चली जाती है, जिसके बाद अजय तय करते हैं कि वो मेडिकल की पढ़ाई छोड़कर पुलिस की नौकरी ज्वाइन करेंगे। सोनाली बेंद्रे को आमिर खान के लव इन्ट्रेस्ट के तौर पर दिखाया गया है। इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह भी अहम भूमिका में नजर आए हैं। नसीरुद्दीन शाह ने पाकिस्तानी सिंग गुलफाम हसन की भूमिका निभाई है जो एक पाकिस्तानी जासूस है। इस फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग की बात करें तो फिल्म की रेटिंग 8.1 है और इसे आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं।
फिल्म के गाने भी हुए थे पॉपुलर
इस फिल्म की कहानी को तो लोगों ने पसंद किया ही, लेकिन साथ में पसंद किया गया इस फिल्म का म्यूजिक। इस फिल्म में कुल 7 गाने थे। इन गानों में सबसे पॉपुलर हुई जगजीत सिंह द्वारा गाई गई गजल होश वालों को खबर क्या। इसके अलावा सोनू निगम, रूप कुमार राठौड़, अलगा यागनिक, कविता कृष्णमूर्ति और कुमार सानू ने इस फिल्म के गानों को अपनी आवाज से सजाया है।
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Harshita Pandeyहर्षिता पांडे पिछले सात साल से अधिक से डिजिटल मीडिया में काम कर रही हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम कर रही हैं।
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