1975 की वो फिल्म, जिसने उड़ा दी थी इंदिरा गांधी की नींद, इमरजेंसी के दौरान कर दिया था बैन
इमरजेंसी का खामियाजा फिल्म इंडस्ट्री को भी भुगतना पड़ा था। इस दौरान कई फिल्मों को बैन कर दिया गया है। फिल्में ही नहीं कई सिंगर्स के गानों को भी बैन किया गया था। 51 साल पहले एक ऐसी ही फिल्म को बैन कर दिया गया था, जिसमें कई बड़े सुपरस्टार्स थे।

साल 1975 में इंदिरा गांधी के शासन में लगाई गई इमरजेंसी की चर्चा आज भी होती है। इमरजेंसी ने आम लोगों के जीवन पर काफी प्रभाव डाला था। यही नहीं इमरजेंसी का खामियाजा फिल्म इंडस्ट्री को भी भुगतना पड़ा था। इस दौरान कई फिल्मों को बैन कर दिया गया है। फिल्में ही नहीं कई सिंगर्स के गानों को भी बैन किया गया था। 51 साल पहले एक ऐसी ही फिल्म को बैन कर दिया गया था, जिसमें कई बड़े सुपरस्टार्स थे। ये फिल्म की रिलीज राजनीतिक विवादों से घिरी रही। आइए जानते हैं क्यों?
फिल्म पर लगे थे ये आरोप
दरअसल, हम बात कर रहे हैं 13 फरवरी, 1975 में रिलीज हुई फिल्म 'आंधी' की। इस फिल्म में संजीव कुमार, सुचित्रा सेन, ओम शिवपुरी और एके हंगल लीड रोल में नजर आए थे। इमरजेंसी के दौरान इस फिल्म की रिलीज राजनीतिक विवादों से घिरी रही। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी और उसके समर्थकों ने आरोप लगाया कि फिल्म में सुचित्रा सेन का किरदार इंदिरा गांधी पर आधारित है। वहीं, दूसरी तरफ फिल्म में किए गए इस बदलाव के बाद इसे रिलीज किया गया। फिल्म पर ये भी आरोप था कि ये उनकी नेता यानी इंदिरा गांधी की छवि को खराब दिखा रहा है।
इंदिरा नहीं इसने प्रेरित था मुख्य किरदार
IMdb के अनुसार, फिल्म 'आंधी' को महज इसलिए बैन किया गया था कि मूवी का मुख्य किरदार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से समानता के रखता था। हालांकि, बाद में फिल्म 'आंधी' के लेखक कमलेश्वर ने मूवी को लेकर कहा था कि इसका किरदार दरअसल तारकेश्वरी सिन्हा से प्रेरित है, जो स्वतंत्र भारत की पहली महिला राजनेताओं में से एक थीं।
इस शर्त पर हटाया फिल्म से बैन
आपको जानकर हैरानी होगी कि इमरजेंसी के दौरान जब तक इस फिल्म पर बैन तब तक ये मूवी बीस हफ्ते से अधिक समय तक थिएटर में चल चुकी थी। हालांकि, आखिर में इस शर्त पर बैन तब हटाया गया जब गुलजार ने फिल्म में एक सीन जोड़ने पर सहमति जताई। मूवी में सुचित्रा सेन के किरदार को इंदिरा गांधी के चित्र के साथ दिखाया गया था। सीन में वह यह लाइन कहती हैं कि श्रीमती गांधी उनकी आदर्श थीं।
दूरदर्शन पर दिखाई गई फिल्म
बता दें कि साल 1977 में, जब जनता पार्टी सत्ता में आई, तो उन्होंने इस फिल्म को दूरदर्शन पर प्रसारित किया। आंधी हिंदी सिनेमा की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाती है।
संजीव ने जीता बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड
सुचित्रा सेन के करियर की अहम फिल्म 'आंधी' उनकी आखिरी हिंदी मूवी साबित हुई। एक्ट्रेस ने 1978 में फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी। मूवी में उन्हें उनके आरती देवी के रोल के लिए बेस्ट एक्ट्रेस के फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट किया गया था, लेकिन वो इसे जीत नहीं पाईं। जबकि, संजीव कुमार ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता था। फिल्म के गानें लता मंगेशकर, किशोर कुमार और मोहम्मद रफी ने गाया था। 'तेरे बिना जिंदगी से कोई' और 'तुम आ गए हो नूर आ गया है' फिल्म के काफी लोकप्रिय गाने हैं।


