जब किशोर कुमार का गाना सुनकर डर गए थे दूल्हे, सिंगर ने दी थी चेतावनी! 70 साल पहले हिट हुई थी फिल्म
अपने करियर में किशोर ने कई सुपरहिट फिल्में और कई आईकॉनिक गाने दिए हैं। किशोर कुमार को लेकर इंडस्ट्री में न जानें कितने किस्से भरे पड़े हैं। उनके हर गाने के साथ-साथ कोई न कोई मजेदार किस्सा जुड़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं 70 साल पहले किशोर कुमार का एक ऐसा गाना था, जिसे सुनकर दूल्हे डर गए थे।

बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर किशोर कुमार न सिर्फ अपनी दमदार आवाज के लिए जाने जाते हैं बल्कि उनकी एक्टिंग के भी फैंस दीवाने रहे। इस बात में कोई शक नहीं कि किशोर कुमार एक वर्सटाइल एक्टर थे। अपने करियर में किशोर ने कई सुपरहिट फिल्में और कई आईकॉनिक गाने दिए हैं। किशोर कुमार को लेकर इंडस्ट्री में न जानें कितने किस्से भरे पड़े हैं। उनके हर गाने के साथ-साथ कोई न कोई मजेदार किस्सा जुड़ा है। लेकिन क्या आप जानते हैं 70 साल पहले किशोर कुमार का एक ऐसा गाना था, जिसे सुनकर दूल्हे डर गए थे। आइए जानते हैं कौन सा है वो गाना?
ये है वो गाना
हम बात कर हरे हैं साल 1956 में रिलीज हुई क्लासिक फिल्म 'परिवार' की। इस फिल्म में किशोर कुमार ने एक्टिंग करने के साथ ही इसके सभी गानों को अपनी आवाज दी थी। वहीं, हम इस फिल्म के जिस गाने की बात रहे हैं वो गाना है "कुवे में कूद के मर जाना, यार तुम शादी मत करना"। इस गाने में किशोर कुमार ने दूल्हों और कुंवारों को चेतावनी दी थी कि भले ही कुंए में डूबकर मरना पड़े लेकिन किसी भी हाल में शादी मत करना।
चार्टबस्टर था ये गाना
साथ ही बताया था कि शादी करने के बाद क्या-क्या मुसीबतें उनके गले पड़ेंगी। इस गाने ने उस दौर में लोगों पर खासा प्रभाव डाला था। साल 1956 में जब ये गाना आया था, जब ये काफी समय तक दोस्तों की शादियों में दूल्हे की टांग खींचने के लिए उनसे दोस्त उसे सुनाते थे और खूब मस्ती मजाक करते थे। आज भी ये गाना शादियों में अक्सर सुनने को मिलता है। ये गाना उस दौर के चार्टबस्टर हुआ था।
21 बार बदली थी अपनी आवाज
"कुवे में कूद के मर जाना, यार तुम शादी मत करना" इस मजेदार गाने को संगीतकार सलिल चौधरी ने कंपोज किया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस आइकॉनिक ट्रैक में किशोर कुमार ने मेल और फीमेल के आलावा 21 अलग-अलग वैरिएशन दिए थे। इस 8 मिनट से ज्यादा के गाने "कुवे में कूद के मर जाना, यार तुम शादी मत करना" में किशोर कुमार ने अलग-अलग किरदारों और भावनाओं को दिखाने के लिए अपनी आवाज में 21 बार (या उससे अधिक) बार बदलाव किए थे।
शैलेंद्र द्वारा लिखे थे गाने को बोल
शैलेंद्र द्वारा लिखे गए इस गाने में किशोर दा ने कभी बच्चे की आवाज, कभी बूढ़े की आवाज, तो कभी रोने और गिड़गिड़ाने जैसी कई हास्यपूर्ण आवाजों का इस्तेमाल करके संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया था। बता दें कि यह गाना किशोर कुमार की बेहतरीन गायकी और वॉयस मॉड्यूलेशन (Voice Modulation) का एक शानदार नमूना है।
'परिवार' फिल्म के बारे में
'परिवार' फिल्म में किशोर कुमार के अलावा दुर्गा खोटे, सज्जन लाल पुरोहित, सुलोचना लाटकर, ऊषा किरण जैसे दिग्गज कलाकार लीड रोल में थे। कहानी की बात करें तो इसमें एक ज्वाइंट फैमिली दिखाई गई थी, जिसमें चार भाई, उनकी पत्नियां और उनके बच्चे शामिल हैं। ये भी एक ही छत के नीचे रहते हैं। उनमें से कोई भाई एक वकील, एक डॉक्टर और दूसरे व्यवसायी हैं। वे एक खुशहाल परिवार हैं, जो रहते हैं और एक-दूसरे के सुख-दुख साझा करते हैं। फिर एक दिन, एक गिलास दूध को लेकर बहस शुरू हो जाती है और पूरा परिवार अस्त-व्यस्त हो जाता है।


