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लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जनता के बीच कांग्रेस, 'पीपुल्स मेनिफेस्टो' के लिए मांगे सुझाव; वेबसाइट लॉन्च

2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र के लिए जनता के बीच जाने का फैसला लिया है। नई वेबसाइट लॉन्च करते हुए जनता से सुझाव मांगे हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले जनता के बीच कांग्रेस, 'पीपुल्स मेनिफेस्टो' के लिए मांगे सुझाव; वेबसाइट लॉन्च
Gaurav Kalaश्रिया गांगुली, हिन्दुस्तान टाइम्स,नई दिल्लीWed, 17 Jan 2024 04:37 PM
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2024 के लोकसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र के लिए जनता के बीच जाने का फैसला लिया है। पार्टी ने इसके लिए एक नई वेबसाइट लॉन्च की है, जिसमें देशभर के लोगों से सुझाव मांगे हैं। पार्टी ने कहा कि लोग नई लॉन्च की गई वेबसाइट (awaazbharatki.in) और एक ईमेल पते (awaazbharatki@inc.in) के माध्यम से कांग्रेस को अपने सुझाव भेज सकते हैं। कांग्रेस ने वादा किया है कि अपने घोषणापत्र में लोगों की मांग को "जितना संभव हो उतना शामिल करने" करने का प्रयास करेंगे। 2019 के लिए भी कांग्रेस ने यही किया था।

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कांग्रेस ने जनता से घोषणापत्र के लिए सुझाव मांगे हैं। पार्टी के घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष पी चिदम्बरम ने कहा, “घोषणापत्र के निर्माण में भारत के लोगों को शामिल करने के लिए हमने सार्वजनिक परामर्श के साथ-साथ दो और माध्यम लॉन्च किए हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि हजारों की संख्या में लोग, विशेषकर युवा, महिलाएं, किसान, श्रमिक, हर क्षेत्र के लोग कांग्रेस के घोषणापत्र में सुझाव देने के लिए सामने आएंगे। हम वादा करते हैं कि पूरी ईमानदारी से आपके मांगों को जितना संभव हो, घोषणापत्र में शामिल करने का प्रयास करेंगे। हमारी कोशिश है कि जनता का साथ मिलने के बाद पार्टी घोषणापत्र को वास्तव में 'पीपुल्स मेनिफेस्टो' बनाया जा सकेगा।'' 

बता दें कि कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र समिति में संयोजक टी एस देव हैं। इसके अलावा इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, जयराम रमेश, शशि थरूर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित 15 अन्य सदस्य शामिल हैं।

चिदम्बरम ने कहा कि वह पहले ही दो बार बैठक कर चुके हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे पार्टी के सदस्यों को उनका काम भी बांटा जा चुका है। जनता से सुझाव प्राप्त करने का "प्रमुख माध्यम" विभिन्न राज्यों से लिया सार्वजनिक परामर्श होगा, जिसके लिए तारीख और स्थान भी तय किए जा चुके हैं।  चिदम्बरम ने कहा कि ईमेल के माध्यम से प्राप्त सभी सुझावों को एकत्रित किया जाएगा और उन्हें विषयों के हिसाब से कैटेगरी में बांटा जाएगा। जितना संभव हो सके, अधिक से अधिक सुझावों को घोषणापत्र में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, वेबसाइट में लोग पहले से सूचीबद्ध विषयों पर अपने सुझाव दे सकते हैं। 

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि लोग अपना नाम, मोबाइल नंबर और पिनकोड दर्ज करके वेबसाइट पर अपने सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा, ''हमने हमेशा जनता की आवाज सुनने का काम किया है। भारत जोड़ो यात्रा और भारत जोड़ो न्याय यात्रा इसी का विस्तार है। घोषणापत्र भी एक कमरे में कुछ लोगों द्वारा नहीं बनाया जाएगा, यह भारत के 100 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करेगा।”

2019 में भी कांग्रेस ने ऐसा ही किया था
कांग्रेस ने 2019 के आम चुनावों के लिए भी अपने घोषणापत्र के लिए सुझाव मांगे थे। पार्टी 2018 में जनता के पास पहुंची थी। पार्टी ने दावा किया था कि ऑन-ग्राउंड रिकॉर्ड किए गए परामर्श के अलावा, वेबसाइट, ईमेल और व्हाट्सएप के माध्यम से 36000 से अधिक सुझाव प्राप्त हुए थे।

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