Chhattisgarh Naxalites had ended the state Congress leadership before the 2013 election - छत्तीसगढ़: 2013 चुनाव से पहले नक्सलियों ने खत्म कर दिया था राज्य कांग्रेस नेतृत्व DA Image

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छत्तीसगढ़: 2013 चुनाव से पहले नक्सलियों ने खत्म कर दिया था राज्य कांग्रेस नेतृत्व

एचटी फाइल फोटो

25 मई, 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर के दरभा घाटी में देश के इतिहास में सबसे बड़ा माओवादी हमला हुआ था जिसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे। माओवादी हमले में आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशा अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व विधायक उदय मुदलियार समेत 30 से अधिक लोग मारे गए थे।

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क्या हुआ उस दिन

जगदलपुर से 30 किलोमीटर दूर दरभा में 150 से अधिक हथियारबंद नक्सलियों ने शाम करीब साढ़े पांच बजे उस समय अंधाधुंध गोलीबारी की, जब कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा का काफिला जिरह घाटी के पास पहुंचा। नक्सलियों ने पहले पेड़ गिरा कर रास्ता रोका, फिर बारूदी सुरंग से विस्फोट किया। इसके बाद पूरे काफिले को घेर कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में नक्सलियों के मुख्य टार्गेट महेंद्र कर्मा थे। कर्मा नक्सलियों के सफाए के लिए शुरू हुए सलवा जुडुम अभियान के नेता थे और वह लम्बे समय से नक्सलियों की हिट लिस्ट में भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नक्सलियों ने कर्मा को मारने के बाद उनके शव के इर्द-गिर्द जश्न भी मनाया था।

शेर की तरह मरे महेंद्र कर्मा

छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र का ‘शेर’ कहे जाने वाले कांग्रेस नेता महेंद्र कर्मा आखिरकार नक्सलियों की गोली का निशाना बने। सलवा जुडूम के संस्थापक के रूप प्रसिद्ध कर्मा को नक्सलियों ने 100 से अधिक गोलियां मारी और वह एक शेर की तरह मरे। इससे पहले भी उन पर जानलेवा हमले होते रहे हैं जिसमें वह बचने में कामयाब रहे थे। छत्तीसगढ़ में बतौर विपक्ष नेता कर्मा ने नक्सल विरोधी आंदोलन 2005 में शुरू किया था। जिसे राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने सराहा और इसे अपना लिया।

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बता दें कि जिस समय हमला हुआ राज्य में भाजपा की सरकार थी और छह महीने बाद नई सरकार के गठन के लिए चुनाव होने वाले थे। दोनों दलों के बीच पिछले चुनावों में वोटों का अंतर सिर्फ एक फीसदी था। बता दें कि नक्सलियों ने देश में पहली बार किसी राष्ट्रीय पार्टी को निशाना बनाया था। इससे पहले जितने भी नक्सली हमले हुए हैं या तो वे पुलिस, किसी बड़े अधिकारी या फिर व्यक्ति विशेष को निशाना बनाकर किए गए हैं। 

इस बार दो चरणों में होगा चुनाव

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में निर्वाचन कार्य संपन्न होगा। प्रथम चरण में 12 नवंबर को 18 विधानसभा क्षेत्रों में तथा दूसरे चरण में 20 नवंबर को शेष 72 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। राज्य में वर्ष 2013 में हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 90 सीटों में से 49 सीटों पर तथा कांग्रेस को 39 सीटों पर जीत मिली थीं। वहीं एक-एक सीट पर बसपा और निर्दलीय विधायक हैं।

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