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chhattisgarh election 2018: राज्य के पहले मुख्यमंत्री हैं अजीत जोगी, बिगाड़ेंगे बीजेपी-कांग्रेस का खेल!

सिविल सेवा छोड़कर राजनीति में आने वाले अजीत प्रमोद कुमार जोगी छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के पहले CM हैं अजीत जोगी, बिगाड़ेंगे बीजेपी-कांग्रेस का खेल! (HT फोटो)

सिविल सेवा छोड़कर राजनीति में आने वाले अजीत प्रमोद कुमार जोगी छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं। दो साल पहले जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ पार्टी बनाने वाले जोगी इस बार भाजपा-कांग्रेस का खेल बिगाड़ सकते हैं। उनकी पार्टी बसपा और सीपीएम के साथ गठबंधन कर चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, जोगी 15 साल से सत्ता से बाहर हैं। खांटी छत्तीसगढ़ी बोलने के चलते जनता के बीच वह काफी लोकप्रिय हैं। अपने चुनावी नारों में वह कांग्रेस और भाजपा पर हमले कर रहे हैं।

ताकत

हर इलाके में पकड़ : छत्तीसगढ़ के आदिवासी नेता के तौर पर पहचान रखने वाले जोगी पढ़े लिखे हैं और राज्य के हर जिले में उनके समर्थक हैं।

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कांग्रेसी नेताओं में पकड़: अलग पार्टी बनाने के बाद भी जोगी का कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से संपर्क है। ऐसे में वे कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक सेंध लगा सकते हैं।

30 सीटों पर प्रभाव: जोगी सीटें मिलें या न मिलें, लेकिन बिलासपुर क्षेत्र की 30 सीटों पर वह खेल बिगाड़ सकते हैं। इसका नुकसान दोनों ही प्रमुख पार्टियों को झेलना पड़ सकता है।

कमजोरी

भ्रष्टाचार के आरोप :  मुख्यमंत्री रहते हुए जोगी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। बड़े पैमाने पर निजी विश्वविद्यालयों को मान्यता देने से उनकी छवि खराब हुई।

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सीडी मामले में नाम : सीडी मामले में जोगी का नाम आने पर कांग्रेस पार्टी ने नोटिस जारी किया था। उसके बाद जोगी ने पार्टी छोड़ दी।

जाति पर विवाद : भाजपा ने जोगी की जाति का मामला भी उठाया था। आरोप है कि उन्होंने गलत प्रमाणपत्र बनवाकर खुद को आदिवासी घोषित किया। हालांकि ये आरोप सिद्ध नहीं हुआ।

पूरा परिवार राजनीति में

अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी कांग्रेस पार्टी में हैं और कोटा से विधायक हैं। बेटे अमित जोगी जनता कांग्रेस में आ गए हैं, तो बहु ऋचा जोगी हाल में बसपा में शामिल हो चुकी हैं। इस चुनाव में कांग्रेस भाजपा को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में जोगी किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं।

सिविल सेवा छोड़ सियासत में

29 अप्रैल 1946 को बिलासपुर जिले के पेंड्रा में जन्मे 72 साल के अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। वे पहले भारतीय पुलिस सेवा और फिर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुए। मध्यप्रदेश कैडर के आईएस रहते हुए वे तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की पहल पर राजनीति में आए। जोगी ने मरवाही विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर पिछला चुनाव जीता था।

छग के पहले मुख्यमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संपर्क में आने के बाद जोगी का राजनीतिक करियर ऊंचाई पर आने लगा था। धीरे-धीरे कांग्रेस में जोगी का कद इतना बढ़ गया कि मध्य प्रदेश के बंटवारे के बाद उन्हें वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री बना दिया गया। पर उनका तीन साल का प्रशासनिक कार्यकाल अच्छा नहीं रहा।  2003 में कांग्रेस छत्तीसगढ़ में सत्ता से बाहर हो गई।

2016 में अलग पार्टी बनाई

सत्ता से बाहर होने के बाद अजीत जोगी, पत्नी रेणु जोगी और बेटे अमित जोगी कांग्रेस में ही रहे। लेकिन राज्यसभा का उम्मीदवार नहीं बनाए जाने से नाराज होकर जोगी ने 2016 में अपनी अलग पार्टी बना ली। बेटे भी उनके साथ आ गए। वहीं पत्नी रेणु को इस बार कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर जोगी जनता कांग्रेस से शुक्रवार को कोटा से नामांकन भरा। इससे पहले टिकट नहीं मिलने के चलते उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को भी पत्र लिखा था। 

जोगी के जीवन पर किताब

रेणु जोगी ने अपने पति के जीवन पर हाल में एक किताब लिखी है। पुस्तक अजीत जोगी की अनकही कहानियां का विमोचन 2 अक्तूबर को हुआ है।
 

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