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छत्तीसगढ़ चुनाव 2018 : चुनाव में स्याही नहीं लगाने के सुझाव पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने

BJP congress Flag (File Pic)

छत्तीसगढ़ के अत्यंत संवेदनशील सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को मतदान के बाद अमिट स्याही नहीं लगाने के प्रस्ताव पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं।
 

क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों ने नक्सलियों द्वारा मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी के चलते मतदान के बाद लोगों को अमिट स्याही नहीं लगाने का सुझाव दिया था, जिसका भाजपा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने समर्थन किया है। वहीं कांग्रेस ने इसका यह कहते हुए विरोध किया है कि इससे फजीर् मतदान बढेगा। सुकमा कलेक्टर  जय प्रकाश मौर्य ने चुनाव आयोग को 38 मतदान केन्द्रों के मतदाताओं को अमिट स्याही नहीं लगाये जाने का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर आयोग ने स्थानीय स्तर के राजनीतिक दलों से चर्चा करके निर्णय लेने का निदेर्श दिया। 
 

इस पर भारतीय जनता पाटीर् के जिला अध्यक्ष मनोज देव ने अपने बयान में इसका समर्थन करते हुए कहा कि ये प्रस्ताव इस इलाके में लोकतंत्र विरोधियों से मतदाताओं को बचाने का एक बेहतर कदम होगा। भाकपा के वरिष्ठ नेता रामासोढ़ी ने भी अपने बयान में कहा कि अंदरूनी इलाकों में नक्सली दहशत की वजह से  वोट का प्रतिशत कम होता है, जो  लोग वोट दे देते हैं उन्हें हमेशा अप्रिय घटना होने का खतरा बना रहता है। श्री सोढ़ी ने कहा कि अमिट स्याही का इस्तेमाल नहीं होने से मतदाताओं की दहशत दूर होगी और दल  इसका समर्थन करता है।
 

दूसरी ओर कोंटा विधानसभा क्षेत्र से लगातार जीतने वाले कांग्रेस प्रत्याशी कवासी लखमा का आरोप है कि अमिट स्याही नहीं लगाने से फजीर् मतदान बढ़ेगा और ये भाजपा की फजीर् वोट कराने की चाल है। उन्होंने कहा कि देश में चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव कराता है। अमिट स्याही का इस्तेमाल नहीं करने से चुनाव आयोग पर भी उंगलियां उठ सकती हैं।

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  • Web Title:Bastar BJP-Congress face-to-face on suggestion not to put ink in election