DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अनूठी सजा : सिख पर हमला करने वाले अमेरिकी को धर्म ग्रंथ पढ़ना होगा

aadi granth

धार्मिक पहचान के नाम पर दुनियाभर में हो रहे घृणा अपराध से निपटने के लिए अमेरिकी अदालत का एक हालिया फैसला नजीर बन गया। यहां एक भारतीय सिख के साथ हुई नस्ली हिंसा के मामले में न्यायाधीश ने फैसला सुनाया कि अपराधी धर्म ग्रंथ का अध्ययन करेगा।  दोषी को अदालत में यह रिपोर्ट दाखिल करके बताना होगा कि उसने सिख धर्म से क्या सीख ली। सिख नागरिक अधिकारों के सबसे बड़े संगठन ‘द सिख कोलिजन’ ने शुक्रवार को बयान जारी करके यह जानकारी दी। 

‘उसने मुझे मेरी धार्मिक आस्था पर मारा’ 
ओरेगन राज्य के एंड्र्यू रामसे ने 14 जनवरी को हरविंदर सिंह डोड के साथ यह घृणा अपराध किया था, जिसका जुर्म उसने कबूला है। यहां दुकान चलाने वाले डोन ने सिगरेट खरीदने आए रामसे से पहचानपत्र दिखाने को कहा था। डोड ने कहा, ‘उसने मुझे इंसान नहीं समझा, उसने इसलिए मारा कि मैं कैसा दिख रहा हूं। मेरी पगड़ी और दाढ़ी के लिए मारा, ये मेरी धार्मिक आस्था से जुड़ी चीजें हैं।’

सिख परेड में शामिल हो अपराधी 
द स्टेट्समेन जर्नल ने लिखा है कि मारिऑन काउंटी के जज लिंडसे पाट्रिड्ज ने अपराधी रामसे को यह भी आदेश दिया कि जून में समेल में होने वाले सालाना सिख परेड में वह शामिल हो। 

तीन साल तक रहेगी निगरानी 
समाचार पत्र ने कहा कि न्यायाधीश ने रामसे को तीन साल की निगरानी और 180 दिन की कैद की सजा सुनाई है। इसमें अब तक की जेल अवधि को भी शामिल किया गया है। 

लगातार बढ़ रहा घृणा अपराध 
एफबीआई का भी कहना है कि ओरेगन में 2016 की तुलना में 2017 में घृणा अपराध 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं। 

‘कट्टरता अज्ञानता का परिणाम है, हम सब अपने समुदाय की संस्कृतियों से सीखने और लाभान्वित होने की क्षमता रखते हैं।’  - लिंडसे पॉट्रिड्ज ,मारिऑन काउंटी, अमेरिका  

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:unique punishment of US court for reading religious texts over attack on sikh