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8 अगस्त, 2020|10:31|IST

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गैंगस्टर विकास दुबे के पीछे लगीं यूपी पुलिस की 40 टीमें और STF, तलाश की कोशिशें तेज

vikas dubey home at bikru village in kanpur

कुख्यात गैंगस्टर विकास दूबे के पीछे यूपी पुलिस की 40 टीमें लग गई हैं। कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसवालों की हत्या समेत कई संगीन अपराधों के गुनहगार को पकड़ने की कोशिश में यूपी पुलिस स्पेशल टास्क फोर्स (STF) लगातार जुटी हैं। 2-3 जुलाई की रात छापा मारने गई पुलिस के 8 जवानों की जघन्यता से हत्या करने वाला सरगना विकास दुबे अभी तक फरार है। यूपी पुलिस डीजीपी का कहना है कि जब तक पुलिस इस कुख्‍यात अपराधी को पकड़ नहीं लेती तब चैन से नहीं बैठेगी।

अपराधियों और पुलिस की साठगांठ के खेल की खुली पोल-
पिछले गुरुवार की रात जिस तरह बर्बरता से पुलिसकर्मियों की हत्या की गई उससे राज्य की पुलिस और अपराधियों की सांठ-गांठ के खेल की भी पोल खोल दी है। बताया जा रहा है पुलिस की छापेमारी से कुछ घंटे पहले ही विकास दुबे को थाने से फोन कर अलर्ट कर दिया गया था। इतना ही नहीं आरोपी पुलिसवालों ने अपने ही साथियों को अपराधी के बिछाए जाल में फंसा दिया था। अपने ही कर्मचारियों के मौका परस्ती और विश्वासघात से हैरान यूपी पुलिस अब वारदात को अंजाम देकर साथियों साथ फरार हो चुके विकास दुबे को तलाशती फिर रही है।

(फोटो: जेसीबी से ढहाया गया विकास दुबे का घर)

उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई को आज बताया कि दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों को पकड़ने के लिए  पुलिस की 40 टीमें और एक एसटीएफ टीम को लगाया गया है। उन्होंने कहा कि विकास दुबे और उसके साथियों व परिवार के सदस्यों के बारे में सूचना जुटा रहे हैं। जब तक विकास दुबे गिरफ्तार नहीं किया जाता जब तक हम शांत से नहीं बैठेंगे।

दो एसआई समेत तीन बर्खास्त-
विश्वासघात करने के संदेह और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के चलते मामले में अब दो सब-इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल को बर्खास्त किया जा चुका है। इसके अलावा विकास दुबे से तार जुड़े होने के कारण एक और सब इंस्पेक्टर को बर्खास्त किया जा चुका है। पुलिस ने बताया था कि विकास दुबे के महान को जब जेसीबी से ढहाया गया तो उसमें काफी बडी मात्रा में विस्फोटक, हथियार बरामद किए गए हैं। विकास दुबे के लिंक अपराध की दुनिया में कितने गहरे हैं इसकी जांच भी बाद में की जाएगी।

 

विकास दुबे के पूरे घर को ढहाने के बाद पुलिस ने जब तलाशी ली तो दो किलो विस्फोटक, 6 देशी पिस्टल, 15 जिंदा बम, 25 कारतूसों की मैगजीनें मिली थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभी जांच का विषय है कि इतनी बड़ी संख्या में विकास दुबे के पास हथियारों का जखीरा कहां से आया और वारदात के वक्त किन-किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।

विकास दुबे के घर से पुलिस को दीवारों में हथियार छुपाने की जगह और एक बंकर भी मिला है। विकास दुबे पर अब तक कुल 60 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैँ। पुलिस राज्यभर में जगह-जगह विकास दुबे को लेकर छापेमारी कर रही है।

थाने से 14 किमी दूर है विकास दुबे का गांव-
आपको बता देंकि कानपुर जिले का बिकरू गांव चौबेपुर थाने में आता है जोकि थाने से 14 किलोमीटर की दूरी पर है। विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम एक लाख रुपए से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए कर दिया है। पुलिस का मानना है कि महकमे ही विकास दुबे के कई मददगार हैं ऐसे में हो सकता है कि विकास दुबे को भागने में पुलिसवालों ने ही मदद की हो। मामले में संलिप्त होने के कारण बर्खास्त होने वाले पहले पुलिसकर्मी एसआई विनय तिवारी हैं।

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  • Web Title:40 police teams and STF chasing Kanpur gangster Vikas Dubey search efforts intensified