
टेस्ट के लिए टैलेंटेड क्रिकेटर्स की जरूरत नहीं... ऐतिहासिक हार के बाद गौतम गंभीर ने क्यों कहा ऐसा?
भारत ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज गंवा दी है। गौतम गंभीर के हेड कोच बनने के बाद से भारतीय टीम घर पर दूसरी टेस्ट सीरीज हारी है। गंभीर का फिलहाल टेस्ट रिकॉर्ड अच्छा नहीं है
हेड कोच गौतम गंभीर के अंडर टीम इंडिया ने घर पर एक और टेस्ट सीरीज गंवा दी है। साउथ अफ्रीका ने दो मैचों की सीरीज में भारत का सूपड़ा साफ कर दिया। साउथ अफ्रीका ने गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट में 498 रनों से जीत दर्ज की। यह भारत की टेस्ट क्रिकेट में रनों के लिहाज से उसकी सबसे बड़ी हार है। साउथ अफ्रीका ने 25 सालों के बाद भारत में टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमाया है। गंभीर की भारतीय टीम में बार-बार बदलाव करने और टेस्ट फॉर्मेट में स्पेशलिस्ट के बजाय ऑलराउंडर को आजमाने की रणनीति की आलोचना हो रही है। वहीं, कोच का मानना है कि टेस्ट में बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की जरूरत नहीं है।
गंभीर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए आपको बेहद तेजतर्रार और टैलेंटेड क्रिकेटर्स की जरूरत नहीं है। हमें सीमित कौशल वाले मजबूत मानसिकता वाले खिलाड़ियों की जरूरत है। वे अच्छे टेस्ट क्रिकेटर बनते हैं।'' बता दें कि कोच के तौर पर गंभीर का फिलहाल टेस्ट रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। उनके अंडर भारत ने 19 टेस्ट मैचों में से सात जीते और 10 में हार का सामना किया जबकि दो ड्रॉ रहे। गंभार का जीत प्रतिशत 36.82 है। वह सिर्फ पूर्व भारतीय कोच डंकन फ्लेचर से आगे हैं, जिनका जीत प्रतिशत 39 टेस्ट में 17 हार, 13 जीत और 9 ड्रॉ के बाद 33.33 है।
गंभीर के नेतृत्व में भारत अब तक घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच टेस्ट हार चुका है। पिछले 66 वर्षों में यह पहला अवसर है जबकि भारतीय टीम सात महीनों के अंतराल में पांच टेस्ट हार गई। यह तीसरा अवसर है जबकि किसी टीम ने भारत का उसकी धरती पर सूपड़ा साफ किया। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने 2000 में 2-0 से जबकि पिछले साल न्यूजीलैंड ने 3-0 से सीरीज जीती थी। आलोचनाओं से घिरे गंभीर के भविष्य पर सवाल उठ रहे हैं। कोच ने कहा कि उनके भविष्य पर फैसला भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) को करना है लेकिन साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल में टीम की सफलता की याद दिलाई।
कोच ने कहा, ''मेरे भविष्य का फैसला बीसीसीआई को करना है। मैने अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में भी कहा था जब मैं मुख्य कोच बना था । भारतीय क्रिकेट अहम है, मैं नहीं । आज भी मैं वही बात कह रहा हूं।'' उन्होंने कहा, ''लोग भूल जाते हैं लेकिन मैं वही व्यक्ति हूं जिसने युवा टीम के साथ इंग्लैंड में आपको अनुकूल परिणाम दिलाए । मुझे यकीन है कि आप जल्दी ही भूल जाओगे क्योंकि अधिकांश लोग न्यूजीलैंड (पिछले महीने भारत में 0 . 3 से मिली हार) के बारे में बात करते रहते हैं । मैने चैम्पियंस ट्रॉफी और एशिया कप में भी जीत दिलाई है।''

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