T-20 वर्ल्ड कप में दूसरे सबसे घातक गेंदबाज बने जिम्बाब्वे के मुजरबानी, अश्विन के क्लब में मारी एंट्री
जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी ने टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी से इतिहास रच दिया है। उन्होंने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 17 रन देकर 4 विकेट झटके, जो टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है।

जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी से इतिहास रच दिया है। उन्होंने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मात्र 17 रन देकर 4 विकेट झटके, जो टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरा सबसे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। इस शानदार स्पेल के साथ उन्होंने भारत के दिग्गज स्पिनर आर. अश्विन के खास क्लब में एंट्री कर ली है, जिनके नाम 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 11 रन देकर 4 विकेट लेने का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड दर्ज है।
मुजरबानी की इस ऐतिहासिक गेंदबाजी की बदौलत जिम्बाब्वे ने शक्तिशाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को 23 रनों से हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया है। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 169/2 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में मुजरबानी और ब्रैड इवांस की धारदार गेंदबाजी के सामने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ा गया और पूरी टीम 19.3 ओवरों में 146 रनों पर ढेर हो गई। इस जीत के साथ जिम्बाब्वे टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 100% जीत का रिकॉर्ड बनाए रखने वाली इकलौती टीम बन गई है।
मैच के दौरान मुजरबानी ने ना केवल अपनी टीम को जीत दिलाई, बल्कि एक बड़ा व्यक्तिगत मील का पत्थर भी पार किया। मैच के 19वें ओवर में एडम ज़म्पा को बोल्ड करते ही उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे कर लिए। वह रिचर्ड नगरावा (111) और सिकंदर रजा (103) के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले जिम्बाब्वे के तीसरे गेंदबाज बन गए हैं। मुजरबानी का 4/17 का यह आंकड़ा टी20 वर्ल्ड कप के किसी एक मैच में जिम्बाब्वे के किसी भी गेंदबाज द्वारा किया गया अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
इस अविश्वसनीय प्रदर्शन के लिए मुजरबानी को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विकेट की धीमी गति और बाउंड्री की लंबाई का सही इस्तेमाल करने को दिया। उनके साथ ब्रैड इवांस ने भी 3 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई। जिम्बाब्वे के लिए यह जीत ऐतिहासिक है क्योंकि इसने ग्रुप बी के समीकरण बदल दिए हैं और उनके सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं।
बता दें कि मुजरबानी की घातक गेंदबाजी से जिम्बाब्वे ने इतिहास रच दिया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन से जिम्बाब्वे की टीम ने टी-20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया से विश्व कप के बड़े मैच में कभी ना हारने का रिकॉर्ड बरकरार रखा है। इतना ही नहीं जिम्बाब्वे की टीम ने वनडे में भी ऑस्ट्रेलिया को कई बार हराया है।






