जिम्बाब्वे की टीम हमें कड़ी टक्कर दे सकती है, इंग्लैंड- आयरलैंड से सूपड़ा साफ होने के बोले भारतीय उप- कप्तान
Ind Vs Zim T-20I सीरीज के शुरू होने से पहले भारतीय टीम के उप कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्बाब्वे को टक्कर की टीम बताया है। कहा है कि यह टीम काफी मजबूत है और टक्कर दे सकती है। इंग्लैंड और आयरलैंड में भारत का सूपड़ा साफ हुआ था।

Ind Vs Zim T-20I Series: भारत बनाम जिम्बाब्वे के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का आगाज 23 जुलाई से हो रहा है। पहले मुकाबले से पहले भारतीय टी20 टीम के उप कप्तान तिलक वर्मा ने मंगलवार को कहा जिम्बाब्वे की टीम बेहद शानदार है। यह टीम मेन इन ब्लू को कड़ी टक्कर दे सकती है। भारतीय उप कप्तान मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।
जिम्बाब्वे कड़ी टक्कर देगा
तिलक को उम्मीद है कि जिम्बाब्वे उन्हें कड़ी टक्कर देगा। पिछली बार के उलट भारत लगभग पूरी ताकत वाली टीम उतार रहा है। उन्होंने कहा, ''जिम्बाब्वे भी एक बहुत अच्छी टीम है। वे बहुत प्रतिस्पर्धी टीम हैं। पिछले साल श्रृंखला में उन्होंने पहला मैच जीता था। हमें उम्मीद है कि वे कड़ी टक्कर देंगे।'' हालात के बारे में तिलक ने कहा, ''पिछली बार विकेट अच्छे थे इसलिए मैं उनसे बात कर रहा था क्योंकि जब हम पिछले साल जिम्बाब्वे में खेले थे तो हमारी जूनियर टीम आई थी। तो उस टीम के बहुत से लोग अब भी आए हैं।'' उन्होंने कहा, ''मैं उनसे (वैभव सूर्यवंशी) बात कर रहा था कि विकेट कैसा बर्ताव करेगा। अगर आप मैदान को देखें तो ये बहुत बड़े हैं और हवा चल रही है और मौसम ठंडा है।''
इंग्लैंड- आयरलैंड सीरीज क्यों हारा भारत?
इंग्लैंड और आयरलैंड में मिली हार के बारे में तिलक ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में एशिया में अधिकतर क्रिकेट खेलने के बाद टीम का वहां के हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाना ही खराब प्रदर्शन का कारण था। उन्होंने कहा, ''ईमानदारी से कहूं तो श्रेयस (अय्यर) अभी एक सफल टीम की अगुआई कर रहे हैं। जाहिर है कि जिम्मेदारियां और उम्मीदें होंगी। आयरलैंड में अलग हालात थे। अगर आप पिछले दो साल देखें तो हमने एशिया में अधिक मैच खेले।'' तिलक ने कहा, ''और दो साल बाद हम सीधे विदेशी हालात में आ गए और वह भी अच्छी टीम के खिलाफ। इंग्लैंड की टीम बहुत अच्छी है। हम सभी ने देखा कि उन्होंने टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में कैसे खेला। जाहिर है कि अच्छी टीम के खिलाफ अच्छे हालात में खेलना चुनौतीपूर्ण होता है।''
अपनी धीमी बल्लेबाजी पर तिलक वर्मा ने दी लंबी सफाई
बृहस्पतिवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 से पूर्व तिलक से आयरलैंड और इंग्लैंड में टीम के इस प्रारूप में जीत से वंचित रहने के बारे में पूछा गया। यह स्वदेश में टी20 विश्व कप जीतने के बाद उनका पहला दौरा था। तिलक के स्ट्राइक रेट के अलावा धीमे गेंदबाजों के खिलाफ उनके रवैये पर भी सवाल उठाए गए। हालांकि उन्होंने साउथम्पटन में आखिरी टी20 में 25 गेंद में 53 रन बनाए। अपनी धीमी बल्लेबाजी पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए तिलक वर्मा ने कहा कि इंग्लैंड और आयरलैंड में शुरुआती विकेट गिरने से उनके जैसे मध्यक्रम के बल्लेबाजों को शुरू से ही पूरी ताकत से खेलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने साथ ही जोर देते हुए कहा कि उनका खेल परिस्थितियों और मैच के हालात पर आधारित है। तिलक ने कहा, ''इस प्रारूप में आपको अलग-अलग क्रम पर बल्लेबाजी करनी होती है और खासकर ऐसे हालात में यह आसान नहीं होता। साथ ही मैं हमेशा कहता हूं कि टीम के लिए जो भी जरूरी होगा मैं वही करूंगा। अगर मुझे टीम के लिए इंतजार करते हुए रन बनाने हैं तो मैं उसी हिसाब से खेलूंगा। अगर मुझे हिट करना है तो मैं हिट करता हूं और खेलता हूं।''
उन्होंने कहा, ''तो उस समय टीम के हालात को देखें तो आयरलैंड से लेकर इंग्लैंड तक पावर प्ले में हमेशा चार या पांच विकेट गिरते थे। इसलिए वहां जाकर हिट करना और आउट होना सामझदारी भरा नहीं था।'' तिलक मैदान पर उतरते की आक्रामक होकर खेलना चाहते हैं लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि कभी-कभी उन्हें थोड़ी समझदारी दिखाने की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ''मेरे दिमाग में हमेशा यही रहता है कि मैं क्रीज पर उतरकर पहली गेंद को हिट कर सकता हूं। लेकिन साथ ही मैं देश के लिए खेल रहा हूं इसलिए बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं।'' तिलक ने कहा, ''जब आपके नाम के साथ उप कप्तान का पद जुड़ा होता है, टीम ने मुझे यह सोच-समझकर दिया होगा। इसलिए मैं वही जिम्मेदारियां लेना चाहता हूं जो प्रबंधन मुझे देता है। मैं उसी के हिसाब से खेल रहा हूं।''
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



