T-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में जिम्बाब्वे से कभी नहीं जीता ऑस्ट्रेलिया, रिकॉर्ड देख चौंक जाएंगी आंखे

Feb 13, 2026 08:19 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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टी-20 विश्व कप के इतिहास में जिम्बाब्वे और ऑस्ट्रेलिया की टीमें दो बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें दोनों बार जिम्बाब्वे ने कंगारू टीम को पटखनी दी है। ऑस्ट्रेलिया इस मेगा टूर्नामेंट के इतिहास में आज तक जिम्बाब्वे की टीम को हराने में असफल रहा है।

T-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में जिम्बाब्वे से कभी नहीं जीता ऑस्ट्रेलिया, रिकॉर्ड देख चौंक जाएंगी आंखे

क्रिकेट जगत में ऑस्ट्रेलिया एक महाशक्ति मानी जाती है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप का एक ऐसा आंकड़ा है जो किसी को भी हैरान कर सकता है। इस मेगा टूर्नामेंट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया आज तक जिम्बाब्वे को एक बार भी हराने में सफल नहीं हो पाया है। जिम्बाब्वे दुनिया की एकमात्र ऐसी टीम है जिसका टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 100% जीत का रिकॉर्ड है। हाल ही में कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में हुए मुकाबले ने इस चौंकाने वाले रिकॉर्ड पर एक बार फिर मुहर लगा दी है।

2026 टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप बी मुकाबले में जिम्बाब्वे ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 169/2 का मजबूत स्कोर बनाया। सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने 56 गेंदों में नाबाद 64 रनों की संयमित और शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूती दी। कप्तान सिकंदर रजा ने अंत में मात्र 13 गेंदों पर नाबाद 25 रन बनाकर टीम को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। जिम्बाब्वे की इस सधी हुई बल्लेबाजी ने ऑस्ट्रेलिया के विश्व स्तरीय गेंदबाजों को विकेटों के लिए तरसा दिया।

170 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 19.3 ओवरों में मात्र 146 रनों पर ढेर हो गई और मैच 23 रनों से हार गई। तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने घातक स्पेल डालते हुए 4 ओवरों में मात्र 17 रन देकर 4 विकेट झटके। इसी मैच के दौरान मुजरबानी ने अंतरराष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट में अपने 100 विकेट भी पूरे किए और ऑस्ट्रेलिया की कमर तोड़ दी। ब्रैड इवांस ने भी बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिससे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।

यह पहली बार नहीं है जब जिम्बाब्वे ने कंगारुओं को विश्व कप के मंच पर रुलाया है और इतिहास रचा है। इससे पहले 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में भी जिम्बाब्वे ने केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से करारी मात दी थी। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू रेनशॉ की 65 रनों की साहसी पारी भी उनकी टीम को इस शर्मनाक रिकॉर्ड से नहीं बचा सकी। जिम्बाब्वे की यह जीत न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि इसने ग्रुप बी की अंक तालिका में उलटफेर की नई संभावनाएं पैदा कर दी हैं।

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया ने अन्य टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों (जो वर्ल्ड कप का हिस्सा नहीं थे) में जिम्बाब्वे को हराया है, लेकिन जब बात विश्व कप के मंच की आती है, तो जिम्बाब्वे का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। टी-20 विश्व कप में अब तक दो बार ये टीमें आमने-सामने हुई हैं, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को कभी जीत नसीब नहीं हुई है। टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बात करें तो अब तक दोनों टीमें चार बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें से 2 मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीते हैं और दो मैचों में जिम्बाब्वे को जीत मिली है। हालांकि, जिम्बाब्वे ने विश्व कप के मैचों में ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दी है, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने इसे उन मैचों में हराया है जो विश्व कप का हिस्सा नहीं थे।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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