वैभव सूर्यवंशी के मुरीद हुए जिम्बाब्वे के कप्तान, कहा- वह पीढ़ी में एक बार पैदा होने वाला क्रिकेटर है, लेकिन…
Ind Vs Zim Vaibhav sooryavanshi News: जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है और पीढ़ी में एक बार पैदा होने वाले क्रिकेटर बनने की काबिलियत बताई है। हालांकि, यह भी कहा है कि सही से संभालना जरूरी है।

Ind Vs Zim Vaibhav sooryavanshi News: वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड में भारत के लिए पदार्पण भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा हो लेकिन जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा को लगता है कि अगर 15 साल के इस खिलाड़ी को अच्छे से संभाला जाए तो वह पीढ़ी में एक बार आने वाली प्रतिभा बन सकता है। इस उभरते हुए बल्लेबाज ने इंग्लैंड में तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। भारत ने श्रृंखला 0-4 से गंवाई। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए।
वैभव सूर्यवंशी बन सकते हैं पीढ़ी के लिए प्रेरणा
रजा ने 'जियोस्टार' से कहा, ''वैभव एक बहुत प्रतिभावान क्रिकेटर है। अगर कोई 15 साल का बच्चा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहा है तो सिर्फ दो या तीन मैच के बाद उसकी बुराई करना सही नहीं है।'' उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि वैभव के आस-पास बहुत सारे बहुत अच्छे सीनियर क्रिकेटर हैं। अगर उसे अच्छे से संभाला जाए तो मुझे लगता है कि वैभव पीढ़ी में एक बार आने वाली प्रतिभा बन सकता है।'' बाएं हाथ के बल्लेबाज सूर्यवंशी एक बार फिर हरारे में लौटेंगे जहां उन्होंने जनवरी में अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंद में 175 रन की मैच जिताने वाली पारी खेली थी। टीम में संजू सैमसन के नहीं होने से सूर्यवंशी को बृहस्पतिवार से शुरू हो रही श्रृंखला में शीर्ष क्रम में अधिक मौके मिलेंगे। रजा ने कहा, ''पिछले साल उन्होंने जो किया। भारत अंडर-19 के लिए जो किया और फिर उसी उम्र में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया, ये किसी भी तरह से छोटी उपलब्धियां नहीं हैं।'' उन्होंने कहा, ''आजकल ऐसी कहानियां सुनने को नहीं मिलतीं। वैभव खास हैं। यह जरूरी होगा कि उन्हें कैसे संभाला जाता है।''
IND VS ZIM सीरीज में भारत नहीं जीत का दावेदार
रजा ने तीन मैच की टी20 श्रृंखला में भारत को प्रबल दावेदार मानने से इनकार करते हुए कहा कि दोनों टीम के बीच कांटे की टक्कर होगी और उनके पास समान रूप से जीत हासिल करने के मौके होंगे। विश्व चैंपियन भारत का टी20 अंतरराष्ट्रीय में हाल में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उसे आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैच की श्रृंखला में उसे चार मैच में हार मिली जबकि एक मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था। अब उसके पास जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत की राह पर लौटने का मौका होगा। रजा ने कहा, ''इस श्रृंखला में दोनों देशों के पास समान मौके होंगे। हमें अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। हमारी टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और इसलिए मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि यह श्रृंखला बेहद रोमांचक होगी।'' जिम्बाब्वे ने फरवरी में कोलंबो में खेले गए आईसीसी टी20 विश्व कप के मैच में ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराया था। उसने इस साल श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की हैं।रजा ने कहा, ''जहां तक जीत हार का सवाल है तो दोनों टीमों के पास यह श्रृंखला जीतने के बराबर के मौके होंगे। भारत अभी बदलाव के दौर से गुजर रहा है जिससे यह श्रृंखला और अधिक रोमांचक हो गई है। मुझे नहीं लगता कि यह शृंखला एकतरफा होगी।''
दूसरा और तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 25 और 26 जुलाई खेले जाएंगे।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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