
ये आदमी मर जाएगा, पिट जाएगा मगर…युवराज सिंह ने खोला अभिषेक शर्मा का सबसे बड़ा सीक्रेट
संक्षेप: पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने अभिषेक शर्मा का एक सीक्रेट बताया है। युवराज 25 वर्षीय बल्लेबाज के मेंटोर हैं। अभिषेक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए थे।
युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा इन दिनों गजब की फॉर्म में हैं। उन्होंने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौर पर पांच टी20 मैचों की सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 163 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता। भारत ने 2-1 से सीरीज जीती जबकि दो मैच बारिश की भेंट चढ़ गए। ऑस्ट्रेलिया सीरीज समाप्त होने के बाद युवराज सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा, जिसमें उन्होंने अभिषेक का सबसे बड़ा सीक्रेट बताया है। उन्होंने कहा कि अभिषेक किसी भी सूरत में अपना बल्ला नहीं देते। भारत के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज 25 वर्षीय बल्लेबाज के मेंटोर हैं।

वीडियो में युवराज ने कहा, ''आप इस आदमी से कुछ भी ले सकते हो पर बैट नहीं ले सकते। कोई भी इससे बैट नहीं ले सकता। यह मर जाएगा, पिट जाएगा, रो देगा मगर अपना बैट किसी को नहीं देगा। इसके पास 10 बल्ले होंगे तो बोलेगा कि मेरा पास दो ही हैं। फिर किट बैग से दो बैट और निकलते हैं। चार बल्ले घर में पड़े होते हैं। यह मेरे सारे बैट ले गया, मैंने कभी मना किया। हालांकि, अपना बैट किसी को नहीं देता।'' युवराज जब यह खुलासा कर रहे थे, उस वक्त अभिषेक मौजूद थे। अभिषेक मुस्कुरा रहे थे।
पंजाब के अभिषेक ने जुलाई 2024 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह अब तक भारत के लिए 29 टी20 मैचों में 1012 रन बना चुके हैं। उन्होंने गाबा में रद्द हुए मैच में 13 गेंदों में नाबाद 23 रन जुटाए और एक हजारी बने। अभिषेक टी20 इंटरनेशन क्रिकेट में सबसे तेज एक हजार रन कंप्लीट करने वाले वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 528 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की और सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा। सूर्या ने 573 गेंदों में 1000 रन बनाए थे।
बता दें कि अभिषेक ने ऑस्ट्रेलियाई चुनौती का सामना करने के लिए महीनों तक ‘मानसिक और तकनीकी रूप से’ खुद को तैयार किया। उन्होंने प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने के बाद कहा, ''मैं इस सीरीज का इंतजार कर रहा था। जब मुझे पता चला कि हम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं तो मैं बहुत उत्साहित था। उन्होंने कहा, ''अपने पूरे करियर में मैंने देखा है कि ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजी के लिए बहुत अनुकूल है और मैं खुद को इस तरह के गेंदबाजों और परिस्थितियों के लिए तैयार करना चाहता था।''






