नीट प्रदर्शनों के बीच युवराज सिंह ने की शांति की अपील, कहा- बातचीत के जरिए रास्ता निकालें
परीक्षाओं में अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद मार्च के दौरान सोमवार को हुई झड़पों में कम से कम 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इन विरोध-प्रदर्शनों के बीच युवराज सिंह ने बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की अपील की

भारत के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर भारतीय सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों के लिए एक मैसेज शेयर किया है, जिसमें उन्होंने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच बातचीत के जरिए सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने की बात कही। सोमवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, 'नीट' प्रश्नपत्र लीक मामले और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के विरोध में हजारों छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर और लाठीचार्ज करके उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। जिसके बाद कई बड़ी हस्तियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई है और पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की है।
युवराज सिंह ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा, ''हर बच्चे, छात्र, महिला और पुरुष को, आपको शांति से सीखने, सुरक्षा के साथ बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए। आपका अच्छा होना ही एक उज्जवल भारत की नींव है। आइए हम देखभाल, अवसर और उम्मीद के समुदाय बनाने के लिए एकजुट हों। संवाद के जरिए हम भारत के भविष्य के लिए एक सौहार्दपूर्ण समाधान निकाल सकते हैं।”
सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन में हज़ारों लोग संसद की ओर मार्च करते हुए नजर आए। वे नीट परीक्षा प्रश्नपत्र में कथित लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे। जंतर-मंतर के पास सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी थी और लाठीचार्ज किया था।
वांगचुक अस्पताल में होते भी अनशन पर
परीक्षा में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही, शिक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जंतर-मंतर पर 20 जून को कॉजपा के नेतृत्व में विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए थे। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे वांगचुक को पुलिस उठाकर सफदर जंग अस्पताल ले गयी थी, बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को मेदांता स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। वह अस्पताल में होते भी अपना अनशन जारी रखे हुए हैं। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को कहा कि उन्होंने मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उसे अनशन तोड़ने की अपील की है और सरकार उसके बाद उनकी ओर से भेजे गये पत्र का जवाब देगी।
वांगचुक पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की मांग को लेकर 28 जून से अनशन पर है। उन्होंने अपना जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले शुरू किया था, लेकिन उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए पुलिस ने शनिवार को उन्हें वहां से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था। बाद में दिल्ली के उच्च न्यायालय के निर्देश और श्री वांगचुक की इच्छा पर उन्हें हरियाणा में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती करा दिया गया।



