सूर्यकुमार यादव की कप्तानी नहीं होती तो क्या वर्ल्ड कप जीतते, श्रीसंत ने गौतम गंभीर के क्रेडिट पर जताई आपत्ति
पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीसंत ने टी-20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद गौतम गंभीर के क्रेडिट लेने पर आपत्ति जताई है और उनके योगदान को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसका क्रेडिट सूर्यकुमार यादव और संजू सैमसन को दिया है।

पूर्व भारतीय क्रिकेटर श्रीसंत पिछले कुछ दिनों से अपने बयानों के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने एक निजी यूट्यूब चैनल को लंबा इंटरव्यू दिया है, जिसमें तमाम तरह के खुलासे किए हैं और अपने विचार भी रखे हैं। इस इंटरव्यू में उन्होंने भारत के टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के जीतने के पीछे गौतम गंभीर के योगदान को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा है कि संजू सैसमन अगर शानदार बल्लेबाजी नहीं करते और सूर्यकुमार यादव अच्छी कप्तानी नहीं करते, समय पर बॉलिंग चेंज नहीं करते तो क्या इंडिया गंभीर के दम पर वर्ल्ड कप जीत लेती। श्रीसंत ने यहां तक कह दिया कि इस टी-20 वर्ल्ड कप के जीतने के पीछे खिलाड़ियों का ज्यादा योगदान था लेकिन क्रेडिट ज्यादा कोच को गया।
कोच हटाकर माही को मेंटोर रखने की दी सलाह
इंटरव्यू के दौरान श्रीसंत से पूछा गया कि विराट कोहली के टेन्योर में हम भारत से बाहर भी डोमिंनेंट करते थे, लेकिन अभी इंडिया में ही नहीं खेल पा रहे हैं, इसका क्या कारण है। जवाब में श्रीसंत ने कहा कि “कोच कौन थे तब? कोच बदलो यार सब ठीक हो जाएगा।” उनसे क्रॉस सवाल पूछा गया कि गौतम गंभीर की कोचिंग में क्या इश्यूज हैं। जिस पर श्रीसंत ने कहा “उनके खिलाफ कोई ईश्यू नहीं लेकिन एक बात आप बताओ क्या आपको लगता है कि एक टाइम के बाद क्या आपको कोच की जरूरत है या एक मेंटोर की जरूरत है। अगर आपको मेंटोर चाहिए तो माही भाई (महेंद्र सिंह धोनी) को रखो। वह बहुमूल्य हैं, किसी भी फॉर्मेट में।”
संजू और सूर्या नहीं होते तो गंभीर के दम पर वर्ल्ड कप नहीं जीतता इंडिया
इसी बात को आगे बढ़ाते हुए श्रीसंत ने कहा कि “जब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीते तो गौतम गंभीर को वहां पर ज्यादा क्रेडिट दिया गया।” उन्होंने कहा “संजू सैमसन नहीं होते तो क्या वर्ल्ड कप जीतते? सूर्यकुमार यादव की कप्तानी नहीं होती, करेक्ट टाइम पर बॉलिंग चेंज नहीं करते तो क्या वर्ल्ड कप जीतते, क्या कोच ने उधर से बोला कि किसको बॉलिंग देना है? अगर आशीष नेहरा जैसा कोच होता तो क्रेडिट बनता था वो इनवॉल्व करते हैं। इंगेज रहते हैं। सिर्फ जीतने पर हंसना और हारने पर गुस्सा होना। ये क्या है? हां, आपने अपने क्रिकेट करियर के दौरान देश के लिए अच्छा काम किया है उसके लिए सभी लोग ग्रेटफुल हैं।” श्रीसंत ने कहा कि “कोच से ज्यादा इस देश को मेंटोर की जरूरत है। अब गौतम गंभीर विराट कोहली को क्या बोलेंगे बैटिंग के लिए? कुछ बोल सकते हैं?”
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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