
टीमें खेलने से डरती थी, पुरुषों से भिड़ने को तैयार...विश्व कप जीतने के बाद महिला टीम के हौसले बुंलद
भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की कप्तान दीपिका टीसी ने इतिहास रचने के बाद अपनी खुशी जाहिर की और कहा उनकी टीम बहुत मजबूत है और अब वे पुरुष टीम के साथ भी खेलने को तैयार हैं।
भारत ने टी20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप फाइनल में रविवार को के पी सारा ओवल मैदान में नेपाल को सात विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट विश्व कप का यह पहला आयोजन है। टी20 दृष्टिबाधित महिला विश्व कप फाइनल जीतने के बाद भारतीय टीम की कप्तान दीपिका टीसी ने कहा है कि ये बहुत बड़ी जीत है और हमें बहुत गर्व है। कप्तान ने बताया कि टूर्नामेंट के दौरान कुछ टीमें उनके खिलाफ खेलने से डर रही थी। वहीं उन्होंने टीम पर भरोसा जताया और पुरुषो के खिलाफ खेलने की इच्छा भी जताई है।

फाइनल में नेपाल को एकतरफा मुकाबले में हराने के बाद भारतीय महिला ब्लाइंड क्रिकेट टीम की कप्तान दीपिका टीसी ने मीडिया से बात की और अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। कप्तान ने कहा, ''हमें बहुत गर्व है और यह एक बहुत बड़ी जीत है। हमारी पूरी टीम ने इस खिताब को जीतने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की है। हमारी टीम बहुत मजबूत है और अन्य टीमें हमसे खेलने से डरती हैं। हम पुरुष टीम के साथ भी खेलने के लिए तैयार हैं।
भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए नेपाल को पांच विकेट पर 114 रनों पर रोक दिया और फिर महज 12 ओवरों में तीन विकेट पर 117 रन बनाकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारत का इस मैच पर दबदबा इतना था कि नेपाल की टीम अपनी पारी में केवल एक चौका ही लगा सकी। फुला सरेन नाबाद 44 रनों की पारी के साथ भारत की सर्वोच्च स्कोरर रही। भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया था, जबकि नेपाल ने शनिवार को दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराया था। सह-मेजबान श्रीलंका शुरुआती चरण के पांच मैचों में सिर्फ एक मैच (अमेरिका के खिलाफ) ही जीत सका।






