चोट की वजह से दांव पर था करियर, यास्तिका भाटिया ने शानदार बल्लेबाजी से भारत को जिताया
करियर को खतरे में डालने वाली एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) चोट से उबरकर भारतीय महिला बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने कमाल का प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के पहले टी20 इंटरनेशनल मैच में उन्होंने 54 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।

करियर को खतरे में डालने वाली एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) चोट से उबरने के बाद भारतीय महिला बल्लेबाज यास्तिका भाटिया ने कमाल का प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की श्रृंखला के पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने 54 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। चेम्सफोर्ड में हुए मैच के बाद यास्तिका भाटिया ने कहा कि उन्हें अपने करियर को शून्य से शुरू करना पड़ा।
यास्तिका को पिछले साल विशाखापत्तनम में भारत के वनडे विश्व कप की तैयारी शिविर के दौरान बाएं घुटने में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उन्हें लंबे समय तक रिहैबिलिटेशन से गुजरना पड़ा। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अर्धशतकीय पारी से यादगार वापसी की। भारत ने इस मैच को 38 रन से जीतकर तीन मैचों की श्रृंखला में शानदार शुरुआत की।
यास्तिका ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा, ‘मुझे लगता है कि जो लोग एसीएल सर्जरी से गुजरते हैं, वे समझते हैं कि यह कितना मुश्किल होता है। उस पैर की पूरी मांसपेशी लगभग खत्म हो जाती है। आपको सचमुच खुद को शून्य से दोबारा बनाना पड़ता है।’
इस खब्बू बल्लेबाज ने कहा कि सर्जरी के बाद का दौर बेहद कठिन था।
उन्होंने कहा, ‘रिहैब के दौरान कई ऐसे दिन आए जब ऐसा लगता था कि कोई प्रगति नहीं हो रही है, लेकिन मैं हर दिन बस कोशिश करती रही।’
उन्होंने आगे कहा, 'कुछ महीनों के बाद धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा और आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें लगातार हिम्मत दी। परिवार, दोस्त और 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के स्टाफ, इसके अलावा टीम की साथी जेमिमा रोड्रिग्स जैसी खिलाड़ी, सभी लगातार मेरा हाल पूछते रहे। मैं सभी की बहुत आभारी हूं… अंत भला तो सब भला।'
चोट के कारण वह पिछले साल भारत की वनडे विश्व कप जीत का हिस्सा नहीं बन पाईं थीं। उन्होंने अपना पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अप्रैल 2024 में खेला था।
यास्तिका ने वापसी के बाद पहले ही मैच में, जब टीम के दो विकेट सात रन पर गिर चुके थे, दबाव की स्थिति में बल्लेबाजी करते हुए जेमिमा के साथ मिलकर 126 रनों की अहम साझेदारी निभाई, जिसने भारत की 38 रन की जीत की नींव रखी।
उन्होंने कहा, 'जेमी (जेमिमा) ने शुरुआत में मुझे भरोसा दिया और लगातार समर्थन किया। उसने कहा, 'बस साझेदारी बनाओ और पॉजिटिव खेलते रहो'। बाद में वह खुद भी लय में आ गई और मैच का रुख बदल दिया।'
यास्तिका ने जेमिमा की 40 गेंद में 69 रन की पारी की तारीफ करते हुए कहा, ‘उन्होंने बहुत समझदारी दिखाई। शुरुआत में वह बहुत संयमित थीं और जब मैं अपनी लय पाने की कोशिश कर रही थी, तो वह लगातार मेरा हौसला बढ़ाती रहीं।’
उन्होंने कहा, 'अगर मुझसे एक-दो गेंदें छूट भी जाती थीं, तो वह कहती थीं, 'कोई बात नहीं यास्तिका, तुम अच्छी बल्लेबाजी कर रही हो, बस ऐसे ही खेलते रहो।' बाद में वह भी लय में आ गईं और मैच पर हमारी पकड़ मजबूत होती चली गई।'
भारत के लिए इस मैच में एक और सकारात्मक पहलू पदार्पण कर रही तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा का प्रदर्शन रहा। नंदनी ने 34 रन देकर तीन विकेट झटके।
यास्तिका ने कहा, ‘उसकी धीमी गेंदें उसकी ताकत हैं और उसने उनका बेहतरीन इस्तेमाल किया। पदार्पण पर ऐसा प्रदर्शन बेहद खास है।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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