क्या वैभव सूर्यवंशी की रेड हॉट फॉर्म खा जाएगी संजू सैमसन का करियर या मिलेंगे और मौके? इनकंसिस्टेंसी सबसे बड़ा खतरा
क्या वैभव सूर्यवंशी की रेड हॉट फॉर्म मौका मिलने पर संजू सैसमन के करियर को खत्म कर सकती है, यह एक बड़ा सवाल है। तमाम संभावनाएं बन रही हैं कि 4 जुलाई को इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू हो सकता है।

भारतीय क्रिकेट टीम मौजूदा समय में पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड में है। पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच 1 जुलाई सोमवार को खेला गया जो बेनतीजा रहा। भारत ने मैच में पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था, जिसमें एक बार फिर संजू सैमसन फेल हो गए। वे 7 गेंदों का सामना करते हुए सिर्फ 1 रन ही बना सके। इससे पहले दो मैचों की आयरलैंड सीरीज में भी संजू बुरी तरह फेल हुए। पहले मैच में उन्होंने बेलफास्ट में पांच गेंदों में सिर्फ चार रन बनाए और दूसरे मुकाबले में उनके बल्ले से कोई रन नहीं निकला। इस तरह पिछले तीन मुकाबलों में संजू ने सिर्फ 5 रन बनाए हैं। संजू की इस फॉर्म को देखते हुए ऐसा लगता है कि वैभव सूर्यवंशी को अगले मुकाबले में जो 4 जुलाई को खेला जाना है मौका मिल सकता है।
संजू में दिखाई देती है निरंतरता की कमी
बेशक संजू सैसमन ने आईसीसी मेन्स टी-20 विश्व कप 2026 के आखिरी तीन मैचों में बेहद शानदार प्रदर्शन किया था और भारत को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। कई क्रिकेट पंडित तो यहां तक कहते हैं कि भारत की जर्सी में जो तीसरा स्टार लगा है वह वास्तव में संजू सैमसन हैं। इन सब बातों से इतर संजू के साथ एक कड़वी सच्चाई निरंतरता का अभाव रहा है। यह अभाव ना सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देखने को मिला है बल्कि आईपीएल में भी साफ दिखाई देता है। टी-20 विश्व कप के आखिरी तीन मैचों (वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मैच में 50 गेंदों में 97 रन, इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 42 गेंदों में 89 रन और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में 46 गेंदों में 89 रनों की पारी खेलने) के बाद अगले इंटरनेशल साइकल में 4, 0, 1 का स्कोर इसकी एक झलक प्रस्तुत करता है। इसके अलावा संजू सैसमन ने आखिरी के अपने 10 विदेशी मैदानों पर खेले गए मुकाबलों में भी बेहद इनकंसिंस्टेंट प्रदर्शन किया है। जिसके आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं- 0, 0, 107, 0, 0, 109*, 2, 5, 0, 1. संजू के इन आंकड़ों को देखने से साफ पता चलता है कि वे विदेशी पिचों पर बेहद अनिरंतर रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी की रेड हॉट फॉर्म मार रही दहाड़ें
संजू सैमसन के इस प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए क्या टीम मैनेजमेंट उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में मौका देने का फैसला लेगा इसका जवाब तो भविष्य के गर्त में है, लेकिन इसकी संभावना अब प्रबल बन रही है। वैभव सूर्यवंशी की रेड हॉट फॉर्म उन्हें टीम इंडिया की प्लेइंग 11 में शामिल करने का दावा पेश कर रही है और तिस पर अब संजू सैमसन का फेल होना संभावना को और भी बढ़ा रहा है। आईपीएल 2026 में एक तरफ वैभव सूर्यवंशी ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों की 16 पारियों में 48.50 की औसत और 237.30 की कमाल की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन बनाए, जिसमें 1 शतक और पांच अर्धशतक शामिल थे। उन्होंने 63 चौके और 72 छक्के लगाए। उनके इस कमाल के प्रदर्शन के लिए ऑरेंज कैप और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड मिला। संजू के आईपीएस 2026 के प्रदर्शन को देखें तो एक तरफ जहां वैभव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों में पहले स्थान पर रहे वहीं, संजू सैसमन 16वें स्थान पर रहे। उन्होंने 14 मैचों की 14 पारियों में 43.36 की औसत और 165.62 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 477 रन बनाए, इस दौरान 2 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा। संजू ने आईपीएल के बाद सीधे आयरलैंड सीरीज में बल्ला पकड़ा जबकि सूर्यवंशी ने ट्राई नेशन सीरीज ए के फाइनल में भी शानदार पारी खेली। वैभव के फेलियर के तौर पर सिर्फ ट्राई नेशन के पहले चार मैच देखे जा सकते हैं, हालांकि, उनमें भी वैभव ने बहुत निराशाजनक प्रदर्शन नहीं किया है।
मौका मिलने पर करियर खत्म होने का खतरा?
इस तरह बीते तीन महीनों के प्रदर्शनों और संजू और वैभव की तुलना करने पर विश्व कप की उन तीन पारियों को निकाल दिया जाए तो संजू के बैट से प्रभावशाली पारियां नहीं निकली हैं, जबकि वैभव लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। 31 साल के हो चुके संजू को अगर टीम मैनेजमेंट अगले टी-20 मैच से बेंच करती है और वैभव सूर्यवंशी आईपीएल के अपने प्रदर्शन को जारी रखते हैं तब फिर संजू के लिए टी-20 टीम में कमबैक करना मुश्किल हो सकता है। दूसरे शब्दों में यह भी कह सकते हैं कि अगर ऐसा हुआ तो अप्रत्यक्ष रूप से सूर्या के साथ-साथ संजू का भी अध्याय यहीं से समाप्त हो सकता है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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