2027 विश्व कप में नहीं होंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली? अश्विन ने उठाए सवाल, कहा- जब नहीं लेना था तो...
विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर 2027 वनडे विश्व कप में खेलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रोहित शर्मा का लॉर्ड्स वनडे आखिरी मैच हो सकता है। विराट पर भी संशय बना हुआ है। ऐसे में अश्विन ने मैनेजमेंट और टीम चयनकर्ताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जानिए उन्होंने क्या कहा।

भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर हुए संवाद पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर 2027 वनडे विश्व कप के लिए इन दोनों खिलाड़ियों की जरूरत नहीं थी, तो उन्हें मार्च 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद ही सूचित कर दिया जाना चाहिए था। अश्विन का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी को यह जानकर खुशी नहीं होगी कि उसे टीम से अलग किया जा रहा है, लेकिन उसे टीम के भविष्य के लिए तय योजना के बारे में बताया जाना जरूरी है।
पूर्व क्रिकेटर अश्विन ने अपने यूट्यूब चैलन के प्रोग्राम ऐश की बात में चर्चा के दौरान कहा कि “यशस्वी जायसवाल पीछे से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। लेकिन अगर चयनकर्ता, कोच, कप्तान या जो भी निर्णय लेने वाला हो… अगर आपने मन में पहले ही तय कर लिया है कि ये खिलाड़ी 2027 विश्व कप में नहीं जाएंगे और आप उन्हें नहीं चाहते… तो चैंपियंस ट्रॉफी के तुरंत बाद यह बात बता देनी चाहिए थी। मुझे पता है कि यह दोधारी तलवार है।” उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा “अगर आप खिलाड़ियों से सीधे कह दें कि आप उन्हें टीम से बाहर करना चाहते हैं, तो किसी भी खिलाड़ी को अच्छा नहीं लगेगा। यहां तक कि अगर ऑस्ट्रेलिया में चयनकर्ता या कोच मेरे पास आकर कहते, हम आपको टीम से बाहर करना चाहते हैं। हमारा काम आपसे खत्म हो गया है। तो मुझे भी बुरा लगता। मैं सोचता, एक खराब सीरीज… क्या इतना काफी है? हर खिलाड़ी को एक खराब सीरीज खेलने की छूट होती है। हर खिलाड़ी ऐसा ही महसूस करता। लेकिन एक बार जब यह सब हो जाता है, तो कम से कम आप कह सकते हैं, “ठीक है… बातचीत साफ थी।”
अगस्त तक क्यों खींचा, चैंपियंस ट्रॉफी में ही बता देते
अश्विन ने चयनकर्ताओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा “हो सकता है रोहित के मामले में ऐसा हो चुका हो। हो सकता है विराट के मामले में भी ऐसा हो चुका हो। विराट ने शानदार प्रदर्शन किया है। रोहित का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा है। तो फिर हमने इसे अगस्त 2026 तक क्यों खिंचने दिया, जबकि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 विश्व कप में सिर्फ 10-12 महीने बचे हैं? बात इतनी आगे क्यों बढ़ गई? मेरा बस यही सवाल है।" अश्विन ने कहा कि लंबे समय तक अनिश्चितता किसी खिलाड़ी की मानसिकता को प्रभावित कर सकती है और अगर किसी क्रिकेटर को ड्रेसिंग रूम में अब जरूरत महसूस नहीं होती है, तो यह उसके प्रदर्शन पर भी दिखाई देता है। अश्विन ने कहा “अगर उन दोनों खिलाड़ियों में से किसी को भी यह महसूस होता है कि उन्हें नहीं चाहा जाता, तो दो बातें होंगी। पहली, वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। दूसरी, उन्हें सिर्फ वहां होने पर ही अपने बारे में बुरा लगने लगेगा। एक बार सोचिए। अगर आप ऐसे घर में हैं जहां लोग आपको नहीं चाहते, तो क्या आप सचमुच उस घर में आराम से रह सकते हैं?”
यह स्पष्ट करते हुए कि अंतिम निर्णय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन पर निर्भर करता है, अश्विन ने कहा कि यदि निर्णय पूरी तरह से क्रिकेट योग्यता के आधार पर लिया जाता है, तो वह दक्षिण अफ्रीका में रोहित और कोहली के अनुभव को प्राथमिकता देंगे। अश्विन ने कहा “हम सितंबर-अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका जा रहे हैं। क्या हमें विराट कोहली और रोहित शर्मा की जरूरत है?
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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