
क्या सचिन तेंदुलकर के महारिकॉर्ड को तोड़ देंगे 35 साल के जो रूट ? जोस बटलर ने दिया जवाब
इंग्लैंड के जो रूट अब टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं। वह सचिन तेंदुलकर से सिर्फ 2512 रन दूर हैं। रूट 35 वर्ष का होने जा रहे हैं। क्या वह सचिन तेंदुलकर के महारिकॉर्ड के पीछे हैं? जोस बटलर को लगता है कि रूट के दिमाग में ऐसा कुछ नहीं चल रहा।
इंग्लैंड के जो रूट दुनिया के ऐसे बल्लेबाज हैं, जिनके बारे में कभी यह नहीं सुना गया कि वह फॉर्म में नहीं हैं या चोट की वजह से उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा है। वह लगातार खेलते रहे हैं और रन बनाते रहे हैं। मैनचेस्टर टेस्ट में वह रिकी पोंटिंग को पछाड़कर टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं। वह 'क्रिकेट के भगवान' सचिन तेंदुलकर के रनों के एवरेस्ट से सिर्फ 2512 रन पीछे हैं। क्या उनके दिमाग में चल रहा है कि अब सचिन का रिकॉर्ड तोड़ना है? इंग्लैंड के महान गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने यही सवाल विस्फोटक बल्लेबाज जोस बटलर से पूछा।

जो रूट का बल्ला लगातार बोल रहा है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। डब्लूटीसी में वह 6000 रन बनाने से महज 54 रन दूर हैं। कोरोना के बाद से वह 21 शतक जड़ चुके हैं। रूट अभी 35 साल के होने को हैं और अगर वह एक-दो साल और खेल गए तो सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं, जिस पर किसी को शायद ही हैरानी होगी।
स्टुअर्ट ब्रॉड के सवाल के जवाब में जोस बटलर ने कहा कि रूट के दिमाग में सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना नहीं है। अपने यू-ट्यूब चैनल 'फॉर द लव ऑफ क्रिकेट' पर ब्रॉड के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'वह सचिन तेंदुलकर के पीछे नहीं पड़ा है क्योंकि वह जिस तरह से क्रिकेट खेलता है या इसे देखता है, यह चीज वैसी नहीं है।'
बटलर ने कहा, 'लेकिन वह अविश्वसनीय विशेष सूची में दूसरे नंबर पर है। अगर वह फिट रहता है तो निश्चित तौर पर हासिल कर सकता है जो बहुत ही शानदार होगा। उसने कोरोना के बाद से 21 शतक जड़ चुके हैं। वह अपनी जिंदगी के सबसे जबरदस्त फॉर्म से गुजर रहे हैं और यह देखना अद्भुत है।
को-होस्ट स्टुअर्ट ब्रॉड ने बटलर से पूछा, ‘क्या आपको लगता है कि वह यह करने जा रहा है? वह 34 के हैं और 35 के होने जा रहे हैं। ऐसे बहुत कम खिलाड़ी हैं जो कभी फॉर्म से बाहर नहीं हुए या उन्हें इंजरी की समस्या नहीं हुई लेकिन वह हमेशा फिट रहे हैं और रन बनाते रहे हैं। तो क्या आपके मन में कभी भी ऐसा खयाल आता है कि शायद वह ऐसा न पाए?’
बटलर ने जवाब दिया, 'यह भी थोड़ा-बहुत उसी के पक्ष में जाता है। रूट के साथ मुझे रनों की भूख का कोई मसला नहीं दिखता...वह लगातार बहुत शानदार खेलते आए हैं, यहां तक कि तब भी जब इंग्लैंड 17 मैच में सिर्फ 1 जीता था और वह कप्तान थे।'
बटलर ने आगे कहा, 'वह सिर्फ खेलना और मैच जीतना पसंद करता है। इसलिए इसे देखने से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह नंबर दो पर ही बना रहता है या उस एवरेस्ट की चढ़ाई करके नंबर 1 पर पहुंच जाता है।'






