ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की ट्रेड डील इतनी जल्दी कैसे कन्फर्म हो गई? जानिए क्या कहते हैं नियम

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की ट्रेड डील का ऐलान इतना जल्दी कैसे हो गया? आमतौर पर आईपीएल खत्म होने के एक महीने के बाद ट्रेड विंडो खुलती है, लेकिन एलएसजी-डीसी की डील चौथे सप्ताह में ही सामने आ गई। कैसे? जानिए।

Rishabh Pant Kuldeep Yadav Trade

लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच ऋषभ पंत और कुलदीप यादव को लेकर एक हाई-प्रोफाइल ट्रेड हो चुकी है। दो सीजन तक एलएसजी के लिए खेलने वाले पंत अब फिर से डीसी के लिए खेलेंगे, जबकि डीसी के स्पिनर कुलदीप अब आगे लखनऊ के लिए खेलने वाले हैं। इस ट्रेड डील में पैसों के हिसाब से पंत को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि उनकी पिछली सैलरी 27 करोड़ थी, लेकिन अब 15 करोड़ में दिल्ली से जुड़े हैं। हालांकि, कुलदीप की सैलरी पिछली बार की तरह ही ही 13.5 करोड़ है, लेकिन एक सवाल सभी के दिमाग में है कि इतनी जल्दी इस ट्रेड डील की आधिकारिक पुष्टि कैसे हो गई? इसके बारे में आप जान लीजिए।

आईपीएल 2026 का समापन 31 मई को हुआ था, जबकि ऋषभ पंत और कुलदीप यादव की ट्रेड का आधिकारिक ऐलान आईपीएल की ओर से 23 जून को ही कर दिया गया। आमतौर पर ट्रेड विंडो किसी भी सीजन के एक महीने के अंतराल के बाद खुलती है, लेकिन पंत और कुलदीप वाली ट्रेड के इतनी जल्दी होने के पीछे की सच्चाई यह है कि बीसीसीआई ने नियमों में बदलाव कर दिया है, जिसके चलते इस ट्रेड का आधिकारिक ऐलान टूर्नामेंट खत्म होने के चौथे सप्ताह में ही हो गया है।

अभी तक आईपीएल में ट्रेड विंडो एक महीने के बाद खुलती थी और ऑक्शन से एक सप्ताह पहले तक चलती थी। पहले टीमों को लंबा इंतजार ट्रेड डील के ऐलान के लिए करना होता था, लेकिन 2026 के सीजन से नियम बदले हैं। अब टूर्नामेंट खत्म होने के एक सप्ताह बाद ही ट्रेड विंडो खुल गई थी। 2026 के सीजन के दौरान ही बीसीसीआई की ओर से टीमों को बदले हुए नियमों की जानकारी दे दी थी, ताकि ट्रेड डील की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। द हिंदू के रिपोर्टर अमोल करहडकर ने इसकी जानकारी दी है।

IPL ट्रेडिंग कैसे काम करती है?

आईपीएल में एक होता है ऑक्शन, एक होता है रिटेंशन और एक होता है ट्रेड, ऑक्शन से कोई भी टीम किसी भी खिलाड़ी को पिक कर सकती है। रिटेंशन में कोई भी टीम अपने खिलाड़ी को उसकी मर्जी के साथ रोक सकती है, जबकि ट्रेड में खिलाड़ी अगर फ्रेंचाइजी छोड़ना चाहता है तो वह फ्रेंचाइजी को बोलेगा और फिर फ्रेंचाइजी या तो उसे रिलीज कर सकती है या फिर वह किसी अन्य टीम के साथ उसे ट्रेड कर सकती है। ये दो टीमों के बीच का मसला होता है। इसमें खिलाड़ी की भूमिका नहीं होती।

अगर किसी टीम को किसी खिलाड़ी को ट्रेड करना है तो वह दूसरी टीम से किसी खिलाड़ी को उसके बदले मांग सकती है या फिर उस खिलाड़ी को ऑल कैश डील में दूसरी फ्रेंचाइजी को दे सकती है, जो कि आने वाले सीजन में फ्रेंचाइजी के पर्स से काटे जाते हैं। यह IPL से मंजूरी और प्लेयर की मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों पर भी निर्भर करता है। इस में सबसे जरूरी बात यह होती है कि कोई प्लेयर अपनी मर्जी से टीम बदलने का फैसला नहीं कर सकता। कई चीजें इसमें शामिल होती है। फ्रेंचाइजी को ट्रेड की शर्तों से सहमत खिलाड़ी को सहमत होना होगा। इसके अलावा आईपीएल के ट्रांजैक्शन नियमों के भीतर चीजें होनी चाहिए और सैलरी-कैप का भी ध्यान रखना होता है।

Vikash Gaur

लेखक के बारे में

Vikash Gaur

विकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स


संक्षिप्त विवरण:

विकाश गौड़ पिछले 8 वर्षों से हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के स्पोर्ट्स सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (असिस्टेंट मैनेजर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


विस्तृत बायो:

परिचय और अनुभव: विकाश गौड़ भारतीय डिजिटल स्पोर्ट्स मीडिया का एक उभरता हुआ चेहरा हैं। लगभग 8 वर्षों के अनुभव के साथ, विकाश ने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को जमीन से समझा है। 2016 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले विकाश ने डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच के साथ खेल पत्रकारिता में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जनवरी 2021 से वह 'लाइव हिन्दुस्तान' की स्पोर्ट्स टीम के मुख्य स्तंभ बने हुए हैं, जहां वह कंटेंट प्लानिंग और स्पोर्ट्स कवरेज का नेतृत्व करते हैं।


करियर का सफर:
मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद विकाश का सफर 'खबर नॉन स्टॉप' से शुरू हुआ था, जो अब देश के प्रतिष्ठित मीडिया घरानों तक फैला हुआ है। उन्होंने पत्रिका समूह की वेबसाइट 'कैच न्यूज' में खेल की खबरों की तकनीकी समझ विकसित की। इसके बाद 'डेली हंट' में वीडियो प्रोड्यूसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने विजुअल स्टोरीटेलिंग के गुर सीखे। 'दैनिक जागरण' की वेबसाइट में करीब ढाई साल तक खेल डेस्क पर अपनी धार तेज करने के बाद, उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान का रुख किया, जहां वे बीते 4 साल से चौके-छक्के लगा रहे हैं। इंटर्न के तौर पर प्रिंट की समझ हासिल कर चुके विकाश गौड़ के पास अब डिजिटल की अच्छी समझ है और वे ट्रेंड को बखूबी फॉलो करते हैं।


खेल जगत की कवरेज और विशेषज्ञता:
अपने अब तक के करियर में विकाश ने दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों को डेस्क और फील्ड पर रहकर कवर किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट्स की भी गहरी समझ रखते हैं। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख आयोजनों का व्यापक विश्लेषण और रिपोर्टिंग की है:


क्रिकेट:आईसीसी क्रिकेट विश्व कप, आईपीएल और द्विपक्षीय सीरीज।


ग्लोबल इवेंट्स: ओलंपिक गेम्स, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल


पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
विकाश का मानना है कि खेल पत्रकारिता केवल स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खिलाड़ियों के संघर्ष, खेल की रणनीति और डेटा के पीछे छिपी कहानी को पाठकों तक पहुंचाने का माध्यम है। लाइव हिन्दुस्तान में अपनी भूमिका में वह सुनिश्चित करते हैं कि खेल की खबरें सटीक, तेज और निष्पक्ष हों, जिससे पाठकों को एक संपूर्ण अनुभव मिल सके।


विशेषज्ञता:

क्रिकेट विश्लेषण एवं लाइव कवरेज
ओलंपिक एवं ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट्स
इंटरव्यू एवं मीडिया इंटरैक्शन
स्पोर्ट्स डेटा एंड स्टेटिस्टिक्स
डिजिटल कंटेंट स्ट्रेटेजी एंड टीम मैनेजमेंट

और पढ़ें
Cricket News लेटेस्ट मैच अपडेट Cricket Live Score, Cricket Schedule, और Cricket News in Hindi के लिए हमारे साथ जुड़े रहें। सभी बड़े मुकाबलों के पल-पल के अपडेट्स और देश-दुनिया की हर क्रिकेट खबर सबसे पहले पाने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।