लगातार धीमी बल्लेबाजी क्यों कर रहे हैं तिलक वर्मा? उप-कप्तानी के बोझ को बताया कारण, कहा- जब आप..
आयरलैंड और इंग्लैंड में अपनी धीमी बल्लेबाजी का जवाब देते हुए भारतीय उप कप्तान तिलक वर्मा ने कहा है कि उप कप्तानी की जिम्मेदारी के कारण कई बार परिस्थितियों को खेलना पड़ता है।

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की लीडरशिप में बदलाव देखे गए थे। 2026 में विश्व चैंपियन बनी टीम इंडिया की कप्तानी और उप कप्तानी दोनों में परिवर्तन हुए थे। सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाकर श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया गया और अक्षर पटेल को उप कप्तानी से हटाकर तिलक वर्मा को जिम्मेदारी दी गई। इस लीडरशिप में चेंज होने के बाद टीम इंडिया ने बेहद खराब प्रदर्शन किया और इंग्लैंड और आयरलैंड दोनों ही टीमों से व्हाइट वॉश हो गई। तिलक वर्मा ने दोनों ही सीरीजों में धीमी स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उनकी लगातार सोशल मीडिया पर आलोचना हुई। भारतीय उप-कप्तान ने अब खुद इसका जवाब दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से पहले तिलक ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बारे में खुलकर बात की और कहा कि उप-कप्तान नामित होने के बाद उनके कंधों पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और वह हमेशा आक्रामक मानसिकता के साथ नहीं खेल सकते, क्योंकि मैच की स्थिति ही उनकी खेलने की शैली तय करती है।
तिलक वर्मा ने अपनी धीमी बल्लेबाजी पर क्या कहा?
उन्होंने मैच से पहले आयोजित हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा “इस खेल में आपको अलग-अलग जगहों पर बल्लेबाजी करनी पड़ती है और खासकर ऐसी परिस्थितियों में यह आसान नहीं होता। साथ ही मैं हमेशा कहता हूं कि टीम के लिए जो भी जरूरी होता है, मैं वही करता हूं। अगर मुझे टीम के लिए डटकर खेलना पड़े, तो मैं खेलता हूं। अगर मुझे पहली ही गेंद से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करनी पड़े, तो मैं वो भी करता हूं। इसलिए, उस समय टीम की परिस्थितियों को देखते हुए अगर आप आयरलैंड से लेकर इंग्लैंड तक देखें, तो पावरप्ले या पहले 10 ओवरों के अंदर ही चार से पांच विकेट गिर जाते थे।” उन्होंने आगे कहा “इसलिए वहां जाकर तेजी से रन बनाने की कोशिश करना समझदारी नहीं है। इसलिए मैं हमेशा यही सोचता हूं कि मैं पहली गेंद पर ही जोरदार शॉट लगा सकूं। लेकिन साथ ही, मैं देश के लिए खेल रहा हूं, इसलिए मुझ पर बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं। टीम की परिस्थितियां क्या हैं? अगर मुझे अंत तक टीम के लिए खेलना है, तो हमारी टीम की योजनाएं बदलती रहती हैं। जब आप उप-कप्तान होते हैं, तो टीम सोच-समझकर आपको कुछ जिम्मेदारियां देती है। इसलिए मैं प्रबंधन द्वारा दी गई सभी जिम्मेदारियों को निभाना चाहता हूं और उसी के अनुसार खेल रहा हूं।”
ब्रिटेन में तिलक का प्रदर्शन कैसा रहा?
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने ब्रिटेन दौरे पर दो अर्धशतक बनाए, एक आयरलैंड के खिलाफ और एक इंग्लैंड के खिलाफ। खेले गए सात मैचों में तिलक ने कुल 178 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 55 रन था, जो उन्होंने बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में बनाया था। श्रेयस की कप्तानी में भारत को आयरलैंड से टी20 सीरीज 2-0 से हार का सामना करना पड़ा और फिर उसे जिम्बाब्वे के हाथों 4-0 से करारी शिकस्त मिली। भारतीय टीम अब 23 जुलाई से शुरू होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे से भिड़ेगी।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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