इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से क्यों हारा भारत? चेतेश्वर पुजारा ने खोल दी सारी पोल, कहा- ‘यह बिल्कुल स्वीकार नहीं…,’
भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारत की इंग्लैडं के खिलाफ 4-0 से मिली करारी हार के पीछे कौन सी चीजें जिम्मेदार रही हैं, इसके बारे में बात की है। उन्होंने बताया है कि टीम इंडिया खराब फील्डिंग और ऑलराउडंर्स की कमी के कारण सीरीज हारी है।

भारत के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने ब्रिटेन के टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरे पर भारत के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए मध्यक्रम की कमजोरी, अदद ऑलराउंडर की कमी और खराब क्षेत्ररक्षण को जिम्मेदार ठहराया।
इंग्लैंड ने भारत को पांच मैच की श्रृंखला में 4-0 से हराया। इससे पहले भारतीय टीम आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में हार गई थी। पुजारा ने जियोहॉटस्टार से बातचीत के दौरान कहा, ''इंग्लैंड के पास पांचवें, छठे, सातवें और आठवें नंबर पर ऐसे बल्लेबाज थे जिन्होंने पूरा योगदान दिया। भारत की बात करें तो हमारे पास पांचवें नंबर पर तिलक (वर्मा) और छठे नंबर पर शिवम दुबे थे, लेकिन उन्होंने इंग्लैंड के मध्यक्रम के बल्लेबाजों की तरह खास योगदान नहीं दिया।'' पुजारा ने अपनी बात को बढ़ाते हुए आगे कहा, ''भारत के पास अदद ऑलराउंडर की भी कमी है और यह उसके लिए बड़ी चिंता का विषय है। भारत का क्षेत्ररक्षण भी बहुत खराब रहा।'' पुजारा ने कहा, ''यह माना जा सकता है कि यह युवा टीम है जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई लेकिन खराब क्षेत्ररक्षण किसी भी तरह से स्वीकार नहीं किया जा सकता है। खेल के सबसे छोटे प्रारूप में फील्डिंग की भूमिका अहम होती है लेकिन पूरी श्रृंखला में भारत की फील्डिंग कमजोर रही और यह बड़ी चिंता का विषय है।''
अब जिम्बाब्वे के खिलाफ 3 मैचों की तैयारी
बता दें कि टीम इंडिया ने 26 जून और 28 जून को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज खेली थी जिसमें पहले मुकाबले में उसे 34 और दूसरे मुकाबले में 1 रनों से हार मिली थी। तब टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने इसका दोष ग्राउंड पर मढ़ दिया था और कहा था कि वास्तव में आयरलैंड का बेलफास्ट ग्राउंड स्टेडियम था ही नहीं जिसकी वजह से हमें समझने में देर हुई, हम इस तरह का क्रिकेट खेलने के आदी नहीं थे। नतीजतन हार गए। आयरलैंड सीरीज में इतिहास में पहली बार व्हाइट वॉश होने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन भारतीय टीम पांच मैचों की सीरीज में 4-0 से हार गई। एक मुकाबला बारिश के कारण बेनतीजा रहा था, जिसमें भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रनों का लक्ष्य दिया था। इंग्लैंड और आयरलैंड से व्हाइटवॉश होने के बाद अब अय्यर आर्मी तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेलने के लिए जिम्बाब्वे रवाना होगी। ये सभी मुकाबले जुलाई महीने के अंत में हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। उससे पहले भारत तीन मैचों की वनडे सीरीज इंग्लैंड से खेलेगा जो 14 जुलाई से शुरू हो रही है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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