SA से सीरीज हार में भी हरमनप्रीत कौर को क्यों दिखी अच्छाई? महिला टी20 वर्ल्ड कप से जोड़ा कनेक्शन
भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 टी20 मैच की श्रृंखला में लगातार 3 हार का सामना करना पड़ा है। अभी 2 मैच बाकी है लेकिन सीरीज हार चुकी है। इसके बावजूद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इसे सकरात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम की कमजोरियां सही समय पर उजागर हुई हैं।

भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उनकी टीम ने सही समय पर खराब प्रदर्शन किया क्योंकि इससे टीम प्रबंधन को कमजोरियों को दूर करने और जून में होने वाले टी20 विश्व कप में 'मजबूत वापसी' करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है।
भारतीय महिला टीम को अक्टूबर 2024 में हुए टी20 विश्व कप में ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद पहली बार किसी टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में हार का सामना करना पड़ा। दक्षिण अफ्रीका ने बुधवार को तीसरा मैच नौ क्रिकेट से जीतकर पांच मैच की श्रृंखला में 3-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली।
पिछले टी20 विश्व कप से जल्दी बाहर होने के बाद भारतीय टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया था और वेस्टइंडीज, इंग्लैंड, श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखलाएं जीती।
हरमनप्रीत ने तीसरे मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘पिछले टी20 विश्व कप के बाद हमने अधिकतर टी20 श्रृंखला जीती हैं। यह एकमात्र ऐसी श्रृंखला है जिसमें हम पहले जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह टीम के लिए अच्छा है कि हम जो भी गलतियां कर रहे हैं वह अभी कर रहे हैं, न कि विश्व कप में। यह सही समय है जब हम अपनी गलतियों से सीख सकते हैं और मजबूती से वापसी कर सकते हैं।’
हरमनप्रीत ने कहा, ‘कप्तान होने के कारण मैं हर बात को सकारात्मक रूप से लेती हूं। हमें अभी दो मैच खेलने हैं और हम उनमें अच्छा प्रदर्शन करके वापसी कर सकते हैं।’
इंग्लैंड और वेल्स में होने वाले टी20 विश्व कप में दो महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में भारत का यह प्रदर्शन चिंता का विषय है। विशेषकर उसकी गेंदबाजी अच्छी नहीं रही है। दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों में 21 विकेट लिए हैं, जबकि भारत केवल सात विकेट ही ले पाया है।
तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत ने दक्षिण अफ्रीका के सामने 192 रन का लक्ष्य रखा था। दक्षिण अफ्रीका ने इसे 16.3 ओवर में एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। स्मृति मंधाना ने 25 गेंदों में 37, शेफाली वर्मा ने 46 गेंदों में 64 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रन आउट होने से पहले 38 गेंदों में 66 रन की पारियां खेली। विस्फोटक विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने 10 गेंदों में 18 रन की नाबाद पारी खेली।
दक्षिण अफ्रीका की तरफ से कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 53 गेंदों में 115 रन की धुआंधार पारी खेली। सुन लुस ने 42 गेंदों में नाबाद 64 रन की पारी खेली।
हरमनप्रीत ने कहा, ‘हमारा स्कोर अच्छा था लेकिन हम दुर्भाग्य से पावरप्ले में विकेट नहीं ले पाए। आप कोई भी मैच खेल रहे हों पावरप्ले में विकेट लेने से हमेशा मदद मिलती है। हम ऐसा नहीं कर पाए, जिसका हमें बहुत खामियाजा भुगतना पड़ा।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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