वेस्टइंडीज ड्रेसिंग रूम में 20 मिनट तक क्यों रुके ब्रायन लारा? कप्तान और कोच से की अलग-अलग बात
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा और आखिरी टेस्ट दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक ब्रायन लारा वेस्टइंडीज के ड्रेसिंग रूम में गए। वह लगभग 20 मिनट तक वहां रहे।

महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के चेहरे पर भारत द्वारा वेस्टइंडीज पर शिकंजा कसने के बाद निराशा साफ देखी जा सकती थी लेकिन उन्होंने दिल्ली में दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद मेहमान टीम के ड्रेसिंग रूम का दौरा कर कोच और कप्तान से बातचीत की। 56 वर्षीय लारा ‘मिशन इंडिया’ अभियान के तहत विवियन रिचर्ड्स के साथ यहां हैं। वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे क्रिकेट वेस्टइंडीज को कुछ अतिरिक्त धनराशि दिलाने में मदद करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उन्हें इस टीम के लंबे प्रारूप के खेल के जर्जर ढांचे को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।
इस घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘ब्रायन लारा दिन का खेल खत्म होने के बाद वेस्टइंडीज के ड्रेसिंग रूम में जरूर गए। उन्होंने खिलाड़ियों को कोई सामान्य संबोधन नहीं दिया, बल्कि कोच डैरेन सैमी, कप्तान रोस्टन चेस और कुछ खिलाड़ियों से अलग-अलग बात की।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह वहां लगभग 20 मिनट तक थे। यह चर्चा मुख्यतः वेस्टइंडीज क्रिकेट की स्थिति और आगे के रास्ते के बारे में थी।’’
लारा ने इससे पहले एक पुरस्कार समारोह में वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के टेस्ट क्रिकेट को खेलने के जज्बे पर सवाल उठाते हुए कहा कि समस्याओं के बावजूद भी वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के दिल में अगर जुनून होता तो वे टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह बनाने का ‘कोई न कोई रास्ता’ निकाल ही लेते। लारा ने कहा, ‘‘मैं रोस्टन चेस और अन्य खिलाड़ियों से पूछना चाहूंगा कि वे बताएं कि क्या उनके दिल में क्रिकेट है? क्या वे सचमुच वेस्टइंडीज के लिए खेलना चाहते हैं? और यही सबसे महत्वपूर्ण बात है क्योंकि अगर ऐसा है तो आपको कोई न कोई रास्ता मिल ही जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास भी 30-40 साल पहले बेहतर सुविधाएं नहीं थीं। विव रिचर्ड्स ने किसी बेहतर अभ्यास पिच पर बल्लेबाजी नहीं की थी। हमें भी वही काम करना पड़ता था, वही मेहनत करनी पड़ती थी, लेकिन जज्बा अलग था। वेस्टइंडीज के लिए खेलने का जुनून काफी अधिक था।’’ टेस्ट क्रिकेट रिकॉर्ड 400 रन की पारी खेलने वाले इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘‘मैं युवा खिलाड़ियों से आग्रह करता हूं कि वे यह समझें कि यह एक शानदार अवसर है।’’
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Md.Akramमोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
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