वैभव सूर्यवंशी की क्षमता और टैलेंट का तो मानते हैं लोहा फिर भी एबी डिविलियर्स को उनके किस प्लान पर है शक?
वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार भारतीय स्क्वाड में जगह मिल चुकी है। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरे के लिए टी20 स्क्वाड में जगह मिली है। सूर्यवंशी ये कह चुके हैं कि वह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं लेकिन एबी डिविलियर्स को इस पर शक है कि वह टेस्ट क्रिकेट सच में खेलना भी चाहते हैं।

वैभव सूर्यवंशी को आखिरकार आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल कर लिया गया है। आईपीएल 2026 में उनकी तूफानी बल्लेबाजी की वजह से एक्सपर्ट और तमाम पूर्व क्रिकेटर उन्हें सीनियर टीम में लेने की मांग कर रहे थे। वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। इस बीच दक्षिण अफ्रीका के महान पूर्व बल्लेबाज एबी डिविलियर्स को संदेह है कि वैभव सूर्यवंशी टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए भी उतावले होंगे।
वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह आईपीएल में खेल दिखाया है, उससे ट्वेंटी-ट्वेंटी फॉर्मेट में उनकी क्षमता और प्रतिभा पर तो किसी को शक हो ही नहीं सकता। लेकिन क्या वह रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट क्रिकेट के हिसाब से भी खुद को ढाल सकेंगे? वैभव सूर्यवंशी तो कुछ मौकों पर ये कह चुके हैं कि वह तीनों ही फॉर्मेट में खेलना चाहते हैं लेकिन डिविलियर्स को इस पर शक है।
दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज एबी डिविलियर्स ने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा, ‘वह एक अद्भुत टैलेंट है। रेड बॉल क्रिकेट वाली बात पर मैं कुछ नहीं कह सकता। मुझे लगता है कि अगर वह चाहे तो इसे भी कर सकता है लेकिन बड़ा सवाल ये है- क्या वह सच में ऐसा (रेड बॉल क्रिकेट खेलना) चाहता है? ये तो समय ही बताएगा। इसमें कोई शक नहीं कि उसमें प्रतिभा है और ऐसा करने की क्षमता भी है। ये आसान नहीं होता और मैं पहले भी कुछ बार ये कह चुका हूं।’
एबी डिविलियर्स ने आगे कहा, ‘अगर वह रेड बॉल क्रिकेट खेलने का फैसला करता है तो वहां कुछ चुनौतियां होंगी। लेकिन उसके पास इससे निपटने का कौशल भी है और क्षमता भी। मेरी राय में मैं उम्मीद करता हूं कि वह कोशिश करे औऱ खेले, लेकिन मुझे इस पर शक है।’
वैभव सूर्यवंशी ने पिछले साल आईपीएल के अपने डेब्यू सीजन में सिर्फ 35 गेंदों में शतक जड़कर क्रिकेट की दुनिया में सनसनी मचा दी थी। सिर्फ 14 साल की उम्र में वह आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बन गए। उसके बाद तो सूर्यवंशी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इंडिया ए की तरफ से उन्होंने कई शानदार पारियां खेली। भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप का चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। उसके बाद आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए जबरदस्त बल्लेबाजी की। इस साल आईपीएल में उन्होंने 237 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। उन्होंने ऑरेंज कैप समेत आईपीएल 2026 के 5 बड़े अवॉर्ड अपने नाम किए।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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