जब सहवाग को देखकर रोने लगी थीं हरमनप्रीत कौर, फिर दिग्गज ने जो कहा उसने बदल दी पूरी जिंदगी

Feb 08, 2026 10:22 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

हरमनप्रीत कौर ने जब पहली बार वीरेंद्र सहवाग को अपनी आंखों के सामने देखा तब वे खुद को रोक नहीं पाई थीं और काफी इमोशनल हो गई थीं। वे रोने लगी थीं। तब उन्हें सहवाग ने समझाया था और जो शब्द कहे थे उसका प्रभाव कौर के जीवन पर पड़ा और आज वे अपने करियर के शिखर पर हैं।

जब सहवाग को देखकर रोने लगी थीं हरमनप्रीत कौर, फिर दिग्गज ने जो कहा उसने बदल दी पूरी जिंदगी

साल 2025 भारतीय महिला क्रिकेट के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। जो वर्षों से दिग्गज महिला क्रिकेटरों ने सपने सजोए थे और देशवासियों को जिस चीज की उम्मीद थी उसे पंजाब से आने वाली एक लड़की ने पूरा कर दिया। हरमनप्रीत कौर ने साल 2025 में भारतीय महिला टीम को पहली बार आईसीसी विश्व कप की ट्रॉफी जिताकर इतिहास रच दिया। कौर के इस कारनामे से पूरा देश खुश था, क्योंकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों को हराकर विश्व कप जीता। हरमनप्रीत कौर आज के समय में लड़कियों की रोल मॉडल बन चुकी हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा थ, जब उन्होंने भारतीय दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद सहवाग को रोल मॉडल मानकर खेलना शुरू किया था।

वीरेंद्र सहवाग उनके फेवरेट क्रिकेटर थे और इसका जिक्र उन्होंने कई बार किया है। हरमनप्रीत कौर ने जब पहली बार वीरेंद्र सहवाग को अपनी आंखों के सामने देखा तब वे खुद को रोक नहीं पाई थीं और काफी इमोशनल हो गई थीं। वे रोने लगी थीं। तब उन्हें सहवाग ने समझाया था और जो शब्द कहे थे उसका प्रभाव कौर के जीवन पर पड़ा और आज वे अपने करियर के शिखर पर हैं।

हाल ही में सहवाग ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में हरमनप्रीत कौर के साथ की पहली मुलाकात का जिक्र किया और उन शब्दों को दोहराया जो उन्होंने उस समय कौर को कहे थे। सहवाग इंटरव्यू में कहते हैं “मैं हरमनप्रीत कौर से पहली बार 2006-2007 में मिला था। मैं राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैबिलिटेशन कर रहा था। वह भी वहां अभ्यास के लिए आई थीं। उन्होंने मुझे गले लगाया और खूब रोईं। मैंने उनसे पूछा कि वह क्यों रो रही हैं। उन्होंने बताया कि मैं उनका रोल मॉडल हूं। मैंने उनसे कहा कि सचिन तेंदुलकर भी मेरे रोल मॉडल हैं, लेकिन मैं नहीं रोता। मैंने उनसे सीखा है। मैंने उनसे कहा कि वह मुझसे बात करें, मुझसे सवाल पूछें। तब से वह मुझसे बात करती रहती हैं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि मैंने उन्हें उस समय देखा, जब वह भारतीय टीम में नई-नई शामिल हुई थीं। मैंने उनसे कहा कि हमें सम्मान तभी मिलता है जब हम प्रदर्शन करते हैं।"

सहवाग ने तब अपना उदाहरण देते हुए हरमनप्रीत कौर से कहा था कि व्यक्ति को पहचान तभी मिलती है जब वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने हरमन को समझाते हुए कहा कि- "जब मैं भारतीय टीम में शामिल हुआ, तो मेरे पहले मैच के बाद किसी ने मुझसे कुछ नहीं पूछा। मैंने एक रन बनाया और आउट हो गया। मुझे सम्मान तभी मिला जब मैंने शतक, दोहरे शतक और तिहरे शतक लगाए।" सहवाग कहते हैं कि- "मैंने उनसे कहा कि जब तुम कल कप्तान बनोगी, अगर तुम विश्व कप जीतो, लोग तुम्हें आदर्श मानेंगे। और आज ठीक यही हुआ। जब उन्होंने विश्व कप जीता, तो हम सब उन्हें आदर्श मानते हैं क्योंकि उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।"

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

और पढ़ें
लेटेस्ट क्रिकेट न्यूज, लाइव स्कोर, क्रिकेट शेड्यूल, T20 वर्ल्ड कप 2026, T20 वर्ल्ड कप 2026 शेड्यूल और T20 वर्ल्ड कप 2026 प्वाइंट टेबल की पूरी जानकारी और खिलाड़ियों के आंकड़े हिंदी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।