जब सहवाग को देखकर रोने लगी थीं हरमनप्रीत कौर, फिर दिग्गज ने जो कहा उसने बदल दी पूरी जिंदगी
हरमनप्रीत कौर ने जब पहली बार वीरेंद्र सहवाग को अपनी आंखों के सामने देखा तब वे खुद को रोक नहीं पाई थीं और काफी इमोशनल हो गई थीं। वे रोने लगी थीं। तब उन्हें सहवाग ने समझाया था और जो शब्द कहे थे उसका प्रभाव कौर के जीवन पर पड़ा और आज वे अपने करियर के शिखर पर हैं।

साल 2025 भारतीय महिला क्रिकेट के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। जो वर्षों से दिग्गज महिला क्रिकेटरों ने सपने सजोए थे और देशवासियों को जिस चीज की उम्मीद थी उसे पंजाब से आने वाली एक लड़की ने पूरा कर दिया। हरमनप्रीत कौर ने साल 2025 में भारतीय महिला टीम को पहली बार आईसीसी विश्व कप की ट्रॉफी जिताकर इतिहास रच दिया। कौर के इस कारनामे से पूरा देश खुश था, क्योंकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी बड़ी टीमों को हराकर विश्व कप जीता। हरमनप्रीत कौर आज के समय में लड़कियों की रोल मॉडल बन चुकी हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा थ, जब उन्होंने भारतीय दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद सहवाग को रोल मॉडल मानकर खेलना शुरू किया था।
वीरेंद्र सहवाग उनके फेवरेट क्रिकेटर थे और इसका जिक्र उन्होंने कई बार किया है। हरमनप्रीत कौर ने जब पहली बार वीरेंद्र सहवाग को अपनी आंखों के सामने देखा तब वे खुद को रोक नहीं पाई थीं और काफी इमोशनल हो गई थीं। वे रोने लगी थीं। तब उन्हें सहवाग ने समझाया था और जो शब्द कहे थे उसका प्रभाव कौर के जीवन पर पड़ा और आज वे अपने करियर के शिखर पर हैं।
हाल ही में सहवाग ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में हरमनप्रीत कौर के साथ की पहली मुलाकात का जिक्र किया और उन शब्दों को दोहराया जो उन्होंने उस समय कौर को कहे थे। सहवाग इंटरव्यू में कहते हैं “मैं हरमनप्रीत कौर से पहली बार 2006-2007 में मिला था। मैं राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैबिलिटेशन कर रहा था। वह भी वहां अभ्यास के लिए आई थीं। उन्होंने मुझे गले लगाया और खूब रोईं। मैंने उनसे पूछा कि वह क्यों रो रही हैं। उन्होंने बताया कि मैं उनका रोल मॉडल हूं। मैंने उनसे कहा कि सचिन तेंदुलकर भी मेरे रोल मॉडल हैं, लेकिन मैं नहीं रोता। मैंने उनसे सीखा है। मैंने उनसे कहा कि वह मुझसे बात करें, मुझसे सवाल पूछें। तब से वह मुझसे बात करती रहती हैं। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि मैंने उन्हें उस समय देखा, जब वह भारतीय टीम में नई-नई शामिल हुई थीं। मैंने उनसे कहा कि हमें सम्मान तभी मिलता है जब हम प्रदर्शन करते हैं।"
सहवाग ने तब अपना उदाहरण देते हुए हरमनप्रीत कौर से कहा था कि व्यक्ति को पहचान तभी मिलती है जब वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने हरमन को समझाते हुए कहा कि- "जब मैं भारतीय टीम में शामिल हुआ, तो मेरे पहले मैच के बाद किसी ने मुझसे कुछ नहीं पूछा। मैंने एक रन बनाया और आउट हो गया। मुझे सम्मान तभी मिला जब मैंने शतक, दोहरे शतक और तिहरे शतक लगाए।" सहवाग कहते हैं कि- "मैंने उनसे कहा कि जब तुम कल कप्तान बनोगी, अगर तुम विश्व कप जीतो, लोग तुम्हें आदर्श मानेंगे। और आज ठीक यही हुआ। जब उन्होंने विश्व कप जीता, तो हम सब उन्हें आदर्श मानते हैं क्योंकि उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।"




