30 हजार दर्शकों को साइलेंट करना चाहते थे हैरी ब्रुक, सूर्या ब्रिगेड ने बंद कर दी घिग्घी; फिर भी मैच के बाद दिखा गए घमंड
मैच से पहले भारतीय क्राउड को साइलेंट करने की चाहत रखने वाले हैरी ब्रुक ने मैच के बाद कहा कि, हमें लगा था कि पिच नई होने के कारण शुरुआत में थोड़ी मदद मिलेगी और पहली पारी में स्पिन की उम्मीद थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जाहिर है, भारतीय बल्लेबाजों ने जबरदस्त खेल दिखाया। दुर्भाग्य था कि हम हार गए।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारतीय टीम ने इतिहास रचते हुए चौथी बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में एंट्री मारी। गुरुवार को खेले गए हाई बोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने इंग्लैंड को 7 रनों से पटखनी दी। टीम इंडिया के लिए यह मैच जीतना काफी मुश्किल हो गया था, लेकिन अंत के ओवरों में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार वापसी कराई। उसके बाद हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे ने अच्छी गेंदबाजी करते हुए टीम इंडिया की जीत को सुनिश्चित किया। भारत ने इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड 246 रन ही बना सकी। संजू सैमसन को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। उन्होंने 89 रनों की शानदार पारी खेली।
मैच शुरू होने से पहले टॉस के वक्त इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद 30 हजार दर्शकों को साइलेंट करने की बात कही थी। उन्होंने टॉस के वक्त बयान दिया था कि "आज रात उन्हें (भारतीय टीम को) बहुत जबरदस्त समर्थन मिलने वाला है और उम्मीद है कि हम उन्हें (भीड़ को) काफी हद तक शांत रख पाएंगे।" हालांकि, ब्रुक की चाहत को सूर्या ब्रिगेड ने नहीं पूरा होने दिया और उन्हें अब फाइनल से पहले ही घर का टिकट कटाकर इंग्लैंड विदा लेना होगा।
मैच से पहले भारतीय क्राउड को साइलेंट करने की चाहत रखने वाले हैरी ब्रुक ने मैच के बाद कहा कि, “हमें लगा था कि पिच नई होने के कारण शुरुआत में थोड़ी मदद मिलेगी और पहली पारी में स्पिन की उम्मीद थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जाहिर है, भारतीय बल्लेबाजोंने जबरदस्त खेल दिखाया। आज रात और इस पूरे टूर्नामेंट में हमने जिस तरह का प्रदर्शन किया, उस पर हमारे सभी खिलाड़ियों को गर्व होना चाहिए।”
उन्होंने संजू का कैच छोड़ना टीम की हार का सबसे बड़ा कारण माना। ब्रुक ने कहा, “मैं मानता हं कि सैमसन का कैच छोड़ना मुझसे बड़ी गलती थी। जैसा कि कहावत है, कैच ही मैच जिताते हैं, और दुर्भाग्य से आज रात फील्डिंग में चीजे हमारे पक्ष में नहीं रहीं। अंततः, इसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ा। गेंदबाज़ी में थोड़ी-बहुत चूक हो गई। शायद हम उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जितना कर सकते थे। लेकिन भारतीय बल्लेबाज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से है और अगर आप उनके खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं, तो गेंद बाउंड्री के बाहर चली जाती है। उन्होंने आगे कहा कि शायद हम उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए जितना कर सकते थे, लेकिन जैसा कि मैंने कहा, हमने पूरी कोशिश की और दुर्भाग्य से हार गए।”
जेकब बेथल की शानदार शतकीय पारी की तारीफ करते हुए ब्रुक ने कहा कि, “जेकब बेथेल का प्रदर्शन लाजवाब था। मुझे लगता है कि वे अपने करियर में खूब पैसा कमाएंगे और इंग्लैंड के लिए उनका करियर शानदार रहेगा। उन्होंने आज रात दुनिया को दिखा दिया कि वे कितने अच्छे खिलाड़ी हैं। दुर्भाग्य से हम हार गए, लेकिन यह पारी इस टूर्नामेंट से मिली एक बड़ी सकारात्मक सीख है। उन्हें पहली गेंद से ही खेल को अपने हाथ में लेते हुए देखना, सबको अपनी काबिलियत दिखाना, वाकई खास था।”
इंग्लिश कैप्टन ने आगे कहा, “सच कहूं तो मुझे लगता है कि हमारा टूर्नामेंट अच्छा रहा। जैसा कि मैंने पहले कहा, हमें अपने खेल पर बेहद गर्व होना चाहिए। मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि हम कभी हार नहीं मानते और आज रात यह बात फिर साबित हो गई। 250 रनों का पीछा करते हुए, दूसरी टीमें शायद बिखर जातीं या टूट जातीं, लेकिन हम पूरे मैच में डटे रहे। हमने पूरी कोशिश की और दुर्भाग्य से आज रात हम हार गए।”
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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