300+ के सफल रन चेस में कैसा है विराट कोहली का रिकॉर्ड? आंकड़े देख समझ जाएंगे क्यों कहा जाता है 'किंग'
विराट कोहली ने कुल 300 प्लस के सफल रन चेज में कुल 12 पारियां खेली हैं, जिनमें कमाल का प्रदर्शन किया है। आंकड़ों को देखते हुए यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इन 12 मौकों पर किंग कोहली के शानदार प्रदर्शन के कारण ही टीम 300 प्लस का स्कोर चेज करने में सफल रही है।

रविवार (11 जनवरी) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मैच में दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने शानदार 93 रन बनाए। वे शतक लगाने से जरूर चूक गए लेकिन टीम की जीत में किंग कोहली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दाएं हाथ के बल्लेबाज के शानदार 93 रनों की मदद से भारत ने न्यूजीलैंड द्वारा दिए गए 301 रनों के लक्ष्य को 49 ओवर में ही 6 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। इस शानदार रन चेज के बाद विराट कोहली के नाम एक और उपलब्धि जुड़ गई है।
वनडे क्रिकेट में भारत ने कीर्तिमान स्थापित किया है। वह इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा बार 300 प्लस का टारगेट चेस करने वाली टीम है। भारत ने अब तक कुल 20 बार 300 प्लस का स्कोर वनडे क्रिकेट में चेज किया था। खास बात यह है कि इन 20 मौकों में 12 बार टीम ने बड़ा सफल रन चेज तब किया है, जब विराट कोहली टीम का हिस्सा रहे हैं।
विराट कोहली ने कुल 300 प्लस के सफल रन चेज में कुल 12 पारियां खेली हैं, जिनमें कमाल का प्रदर्शन किया है। आंकड़ों को देखते हुए यह कहना भी गलत नहीं होगा कि इन 12 मौकों पर किंग कोहली के शानदार प्रदर्शन के कारण ही टीम 300 प्लस का स्कोर चेज करने में सफल रही है। 300 प्लस के सफल रन चेज में विराट कोहली ने 12 पारियों में 871 गेंदों में 1071 रन बनाए हैं। इस दौरान कोहली का स्ट्राइक रेट बेहद शानदार है। उन्होंने 125.25 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। इतना ही नहीं, उनका औसत भी कमाल का है। 300 प्लस से अधिक के रन चेज में विराट कोहली ने 122.22 की औसत से रन बनाए हैं जो अपने आप में ऐतिहासिक है। किंग कोहली ने इस दौरान 2 अर्धशतक और 7 शतक जड़े हैं, जो उनकी चेस मास्टर की संज्ञा को सही साबित करते हैं।
मैच की बात करें तो पहले वनडे मैच में विराट कोहली शतक से जरूर चूके, लेकिन आउट होने से पहले उन्होंने 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से 102 की स्ट्राइक रेट के साथ 91 गेंदों में 93 रनों की पारी खेली। कप्तान शुभमन गिल ने भी अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि श्रेयस अय्यर अर्धशतक से चूक गए। लोकेश राहुल ने अंत में शानदार फिनिशिंग टच दिए और खुद को एक फिनिशर के रूप में मजबूती से स्थापित किया। उधर न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाजों ने शानदार बैटिंग की, जबकि अंत में डैरिल मिचेल का धमाल देखने को मिला।

लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।





