220-225 रन होते तो हम जीत लेते..., हार के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने किस पर फोड़ा ठीकरा, मिली सीख पर भी रखे विचार
इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 4-0 से मिली हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्या बयान दिया, उन्होंने आज के मैच में हार की क्या मुख्य वजहें बताईं, इस रिपोर्ट में पूरा जानिए।

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज गवाने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में इस सीरीज से मिली सीख के बारे में अपने विचार साझा किए। साथ ही पिच, परस्थितियों और खिलाड़ियों पर भी अपनी राय रखी। कहा हैरी ब्रुक की बल्लेबाजी ने हमसे मैच खींच लिया।
मैच के बाद बात करने आए अय्यर से जब पूछा गया कि इस सीरीज से आपने क्या सीखा? तब उन्होंने कहा “सच कहूं तो बहुत कुछ सीखने को मिला। सबसे पहले परिस्थितियां, जागरूकता, और विकेटों के अनुसार ढलना। मुझे लगता है कि हमने जितने भी मैदानों पर खेला, उनमें से यह शायद अब तक का सबसे अच्छा विकेट था। आपने देखा ही होगा कि आज जब हमने बल्लेबाजी की, तो हमारा तरीका बिल्कुल अलग था। और मुझे लगता है कि यह सब अनुकूलन के बारे में है। परिस्थितियां पहले मैच से ही बदलती रहीं। लेकिन हां, पेशेवर होने के नाते हमें इन सभी परिस्थितियों को समझना और उनके प्रति जागरूक रहना होगा।” उनसे अलगा सवाल किया गया कि आपकी राय में मुख्य सीख क्या हैं? तब उन्होंने कहा “मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है कि हम जितना हो सके संवाद करें कि हम यहां क्या बेहतर कर सकते थे। और देखिए फील्डिंग मैच जीतने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए यह एक ऐसा पहलू है जिस पर हमें कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। और खासकर जब आप विदेशी परिस्थितियों में खेलते हैं, तो मैदान का आकार बिल्कुल अलग होता है। इसलिए जितनी जल्दी आप एडॉप्ट करेंगे, उतना ही बेहतर होगा।”
220-225 का स्कोर होता तो…
अय्यर ने आगे कहा कि इस पिच पर, जहां गेंद बहुत अच्छी थी, हम शायद चालाकी से जीत सकते थे। लेकिन हमने कुछ कैच भी छोड़े, जिसकी वजह से कुल स्कोर में थोड़ा नुकसान हुआ। हम लगभग 220 से 225 रन का पीछा कर रहे होते। यह शायद हमारे द्वारा किए जा सकने वाले सबसे अच्छे चेज में से एक होता। लेकिन दुर्भाग्य से हमें वह मौका नहीं मिला। लेकिन उम्मीद है कि जैसा कि हमने पहले बताया, इससे हमें बहुत कुछ सीखने को मिला। क्या पावरप्ले में बहुत ज्यादा विकेट गिरने से आपको भारी नुकसान हुआ? इस पर अपनी राय रखते हुए अय्यर ने कहा “बिल्कुल, हम एक साथ कई विकेट गिरने की वजह से हार गए। साझेदारी बनाने के बजाय, हम लक्ष्य का पीछा कर रहे थे, जो कि इन विकेटों पर सही नहीं होता। मुझे लगता है कि आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि विकेट इस तरह से खेल रहा है। इसलिए थोड़ा समय लें, अपने खास गेंदबाजों को निशाना बनाएं। और मुझे लगा कि उनकी गेंदबाजी एकदम सटीक थी। और उन्होंने यहां काफी क्रिकेट खेला है। इसलिए मुझे पूरा यकीन है कि वे अपने लक्ष्य पर खरे उतरे।
हैरी ब्रुक ने मैच का रुख अपनी ओर मोड़ दिया
बटलर-ब्रुक की ऐसी साझेदारी कप्तान के लिए बहुत मुश्किल खड़ी कर देती है? जब उनसे यह पूछा गया तब अय्यर ने कहा “जी हां, मुझे लगता है बटलर ने शानदार बल्लेबाजी की। फिर हैरी आए और उन्होंने मैच का रुख उनकी तरफ मोड़ दिया। उस साझेदारी ने निश्चित रूप से उनकी पारी को संभाला। हमने कुछ कैच भी छोड़ दिए। मुझे लगता है कि इससे मैच की लय बदल सकती थी। लेकिन फिर भी, बहुत कुछ सीखने को मिला। और मुझे यकीन है कि अगली बार जब लड़के यहां आएंगे तो वे इस बात का ध्यान रखेंगे।”
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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