'आपने लप्पेबाज कहकर अभिषेक शर्मा का करियर खत्म कर दिया', इस सवाल के जवाब में क्या बोले मोहम्मद आमिर?
अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी द्विपक्षीय सीरीज में तो सफल हो जाते हैं, लेकिन आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट में वे अपनी छाप नहीं छोड़ पा रहे हैं। आमिर के अनुसार, विपक्षी टीमों ने अब अभिषेक की तकनीकी खामियों को पहचान लिया है, जिससे उनके लिए रन बनाना मुश्किल हो गया है।

जब से टी-20 विश्व कप 2026 की शुरुआत हुई है पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर लगातार भारतीय टीम और उनके खिलाड़ियों के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। यह टूर्नामेंट भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के लिए अभी तक अच्छा नहीं गुजरा है और उन्होंने 7 मैचों की 7 पारियों में सिर्फ 89 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है। अभिषेक शर्मा टूर्नामेंट की शुरुआत लगातार तीन मैचों में तीन जीरो बनाकर आउट हुए थे, जिसके बाद मोहम्मद आमिर ने उन्हें लप्पेबाज यानी स्लॉगर करार दिया था।
मोहम्मद आमिर ने कहा था कि अभिषेक शर्मा को गेंद की लाइन में आकर बॉल रोकना नहीं आता, उसे मैं कैसे प्रॉपर बल्लेबाज कह सकता हूं। वो आता है लप्पा घुमाता है, लग जाता है तो सही है। मोहम्मद आमिर का यह बयान सोशल मीडिया पर लंबे समय तक छाया हुआ था और कई पूर्व क्रिकेटर्स ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। भारतीय पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अभिषेक शर्मा की अर्धशतकीय पारी के बाद मोहम्मद आमिर को करारा जवाब दिया था और कहा था कि भाई साहब कुछ भी कहो लेकिन अभिषेक शर्मा स्लॉगर तो नहीं है।
अब जब टूर्नामेंट अपने आखिरी पड़ाव पर है और अभिषेक शर्मा के बल्ले से पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ 89 रन निकले हैं तब पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने एक बार फिर उन पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और उनकी सबसे बड़ी कमजोरी को ओर ध्यान केंद्रित कराया है। यूट्यूब चैनल 'हारना मना है' में चर्चा के दौरान पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहम्मद आमिर ने अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन और उनकी तकनीकी सीमाओं पर विस्तार से चर्चा की है। पाकिस्तानी शो में चर्चा के दौरान एंकर ने मोहम्मद आमिर से पूछा कि “आमिर भाई आपकी सारी प्रिडिक्शन तो खराब गई लेकिन आपने स्लॉगर कहके एक जवान लड़का खा गए। यानी उसका करियर खत्म कर दिया। वो बेचारा सेमीफाइनल में भी सिर्फ 9 रन ही बना सका।” इसके जबाव में मोहम्मद आमिर ने अभिषेक की कमजोरियां गिनाईं। उन्होंने कहा- “अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी द्विपक्षीय सीरीज में तो सफल हो जाते हैं, लेकिन आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट में वे अपनी छाप नहीं छोड़ पा रहे हैं।” आमिर के अनुसार, विपक्षी टीमों ने अब अभिषेक की तकनीकी खामियों को पहचान लिया है, जिससे उनके लिए रन बनाना मुश्किल हो गया है।
बड़े टूर्नामेंटों में सफल होने के लिए आमिर ने तकनीकी और मानसिक मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “अभिषेक शर्मा एक ऐसा खिलाड़ी है जो केवल कुछ ही दिशाओं में शॉट खेल सकता है, जबकि आधुनिक टी20 क्रिकेट में 360-डिग्री खिलाड़ियों की जरूरत है।” आमिर ने अभिषेक की तुलना संजू सैमसन से भी की और बताया कि संजू इसलिए सफल हैं क्योंकि उनके पास बेहतर तकनीक, फर्स्ट क्लास करियर और आईपीएल का लंबा अनुभव है, जबकि अभिषेक इन पैमानों पर अभी पीछे हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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