IPL 2026 से पहले गुजरात टाइटंस का बैटिंग कोच बनने के बाद क्या बोले मैथ्यू हेडन?
मैथ्यू हेडन ऑस्ट्रेलिया की विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। वह अपने दौर के सबसे जबरदस्त ओपनर बल्लेबाजों में गिने जाते थे। गुजरात टाइटंस का बैटिंग कोच नियुक्त होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में हेडन ने कहा कि वह फ्रेंचाइजी के लिए एक मानक सेट करना चाहते हैं।

टी20 विश्व कप खत्म हो चुका है। भारतीय क्रिकेट फैन अभी विश्व कप जीत की खुमार में डूबे हुए हैं। ये खुमार जब तक उतरेगी तब तक इंडियन प्रीमियर लीग का 2026 का सीजन शुरू हो जाएगा। फैंस को अब इसका इंतजार है। इस बीच आईपीएल की फ्रेंचाइजी गुजरात टाइटंस ने एक बड़ा फैसला करते हुए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व धाकड़ बल्लेबाज मैथ्यू हेडन को अपना बैटिंग कोच नियुक्त किया है। मंगलवार को फ्रेंचाइजी की तरफ से जारी की गई रिलीज में ये जानकारी दी गई है।
मैथ्यू हेडन दिग्गज बल्लेबाज रहे हैं। ऐसे बल्लेबाज जिनके सामने गेंदबाज खौफ में रहते थे। गुजरात टाइटंस ने उन्हें अपना बैटिंग कोच बनाकर अपने सपोर्ट स्टाफ को और मजबूती दी है।
मैथ्यू हेडन ऑस्ट्रेलिया की विश्व विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। वह अपने दौर के सबसे जबरदस्त ओपनर बल्लेबाजों में गिने जाते थे। गुजरात टाइटंस का बैटिंग कोच नियुक्त होने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में हेडन ने कहा, ‘अच्छी बल्लेबाजी दबाव बनाती है। अच्छी बल्लेबाजी मैच जिताती है। गुजरात टाइटंस के लिए हम यही मानक सेट करना चाहते हैं।’
गुजरात टाइटंस ने अपने ऑफिशल एक्स हैंडल से पोस्ट किया, ‘पावरहाउस। लीजेंड। अब हमारे बैटिंग कोच। हेडन को हे दोस्त कह रहे।’
गुजरात टाइटंस के क्रिकेट डायरेक्टर विक्रम सोलंकी ने कहा कि मैथ्यू हेडन की ये नियुक्ति फ्रेंचाइजी की यात्रा के महत्वपूर्ण क्षण में हुई है। उन्होंने कहा, ‘मैथ्यू की नियुक्ति हमारी यात्रा के एक बहुत ही महत्वपूर्ण चरण में हुई है। हम एक फ्रेंचाइजी के तौर पर उत्कृष्टता और दीर्घकालिक सफलता के लिए प्रतिबद्ध हैं, हम लगातार अपने क्रिकेटिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने पर फोकस किए हुए हैं। उनका अनुभव सर्वोच्च स्तर का है और उभरती प्रतिभाओं को मांजने की उनकी क्षमता आ रहे सीजन में हमारी बैटिंग की पहचान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।’
मैथ्यू हेडन की बात करें तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए अलग-अलग फॉर्मेट में कुल 273 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और 15000 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने कई आईसीसी टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और विकेट पर टिके रहने की क्षमता ने उन्हें उनके दौर के शीर्ष बल्लेबाजों में से एक बनाया। उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी को एक नई ऊंचाई दी।
मैथ्यू हेडन आईपीएल में बतौर खिलाड़ी भी हिस्सा ले चुके हैं। उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से 32 मैच खेला था जिसमें 8 अर्धशतकों के साथ उन्होंने 1107 रन बनाए हैं।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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