‘जहां दबाव नहीं, वहां मजा नहीं’.., फाइनल से पहले कप्तान सूर्या क्या बोले? अभिषेक और वरुण पर रखी राय

Mar 07, 2026 08:16 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने दवाब को टीम के लिए जरूरी बताया है। उन्होंने अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती की गिरती फॉर्म को फाइनल के लिए कोई चिंता की बात नहीं मानी है। जानिए उन्होंने पीसी में क्या-क्या कहा।

‘जहां दबाव नहीं, वहां मजा नहीं’.., फाइनल से पहले कप्तान सूर्या क्या बोले? अभिषेक और वरुण पर रखी राय

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताबी मुकाबले से पहले भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपनी टीम के खिलाड़ियों पर अटूट भरोसा जताया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले फाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्या ने टीम के माहौल को काफी रिलैक्स बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम व्यक्तिगत प्रदर्शन के बजाय सामूहिक प्रयासों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कप्तान ने विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि घरेलू मैदान पर खेलना एक विशेष एहसास है और पूरी टीम इस ऐतिहासिक मौके के लिए पूरी तरह से तैयार और उत्साहित है।

स्पिनर वरुण चक्रवर्ती के हालिया फॉर्म को लेकर उठ रहे सवालों पर सूर्यकुमार ने बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि टीम में किसी के भी फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है क्योंकि क्रिकेट एक टीम स्पोर्ट है और जब टीम जीत रही होती है, तो व्यक्तिगत उतार-चढ़ाव मायने नहीं रखते। वरुण की काबिलियत पर भरोसा जताते हुए सूर्या ने कहा, "चिंतित करने वाला बिल्कुल नहीं है... वर्ल्ड नंबर वन बॉलर है वो और उसको पता है कौन से मैच में कैसे आगे आना है और अपने को मैच जिताना है टीम को।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर किसी खिलाड़ी का दिन खराब होता है, तो टीम के बाकी खिलाड़ी उसे कवर करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

कप्तान ने टीम के बल्लेबाजी संयोजन और युवा खिलाड़ियों विशेषकर अभिषेक शर्मा के प्रभाव पर भी विस्तार से बात की। पिछली द्विपक्षीय सीरीज का उदाहरण देते हुए सूर्या ने बताया कि कैसे अभिषेक, संजू और ईशान की टॉप-थ्री जोड़ी ने भारतीय बल्लेबाजी की दिशा बदल दी है। अभिषेक शर्मा और अन्य युवाओं की आक्रामकता की तारीफ करते हुए सूर्यकुमार ने कहा, "जैसे ही हमने अभिषेक, संजू और ईशान को टॉप थ्री में लाया, गेम का रुख ही चेंज हो गया, एकदम अलग ही बैटिंग करने लगे।" सूर्या के अनुसार, यह एक बहुत ही सकारात्मक फैसला था जिसने टीम को वह जरूरी गति और आत्मविश्वास प्रदान किया है जिसकी बड़े टूर्नामेंटों में जरूरत होती है।

मैच की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए सूर्यकुमार यादव ने अपनी कप्तानी शैली और खिलाड़ियों को दी गई आजादी के बारे में चर्चा की। उन्होंने कहा कि वे खिलाड़ियों पर 'बड़ा भाई' या 'पापा' बनकर दबाव नहीं डालना चाहते, बल्कि उन्हें 'खुला छोड़ना' चाहते हैं ताकि उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकल सके। सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि फाइनल का दबाव और घबराहट होना स्वाभाविक है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार करते हुए कहा कि, "जहां दबाव नहीं, वहां मजा नहीं।" रोहित शर्मा के 'टीम योगदान' वाले मंत्र को याद करते हुए सूर्या ने स्पष्ट किया कि अब टीम में व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए कोई जगह नहीं है और हर खिलाड़ी केवल भारत को विश्व चैंपियन बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगा।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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