पहले से पता था कि पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड में 3-0 से हारेगी, वसीम अकरम ने किया दावा
वसीम अकरम ने पाकिस्तान की टीम को लेकर एक बड़ा बयान दिया है और कहा है कि इंग्लैंड जाने से पहले ही उन्हें पता था कि टीम 3-0 से सीरीज हारेगी। इसके पीछे की वजह भी पाकिस्तान की टीम के पूर्व कप्तान ने बताई है।

पाकिस्तान की टीम लगातार दो टेस्ट सीरीज इंग्लैंड में 1987 और 1996 में जीती थीं। उन सीरीजों का हिस्सा वसीम अकरम भी थे। हालांकि, 2026 में जारी सीरीज के बीच में और तमाम बवाल के बीच में अकरम ने कहा है कि उन्हें पहल से पता था कि इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान का सूपड़ा साफ कर देगी और हम 3-0 से सीरीज हारेंगे। पाकिस्तान की टीम ने पहले दो टेस्ट मैच बुरी तरह गंवा दिए हैं और तीसरे मैच से पहले 7 बदलाव टीम में हुए हैं। टेस्ट हेड कोच और बॉलिंग कोच को भी हटा दिया गया है।
बुधवार 9 सितंबर से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट से पहले वसीम अकरम ने द एथलेटिक से बात करते हुए कहा, "मुझे सीरीज से पहले ही पता था कि हम इंग्लैंड से 3-0 से हारने वाले हैं। हमारी बैटिंग स्ट्रगल कर रही है, हमारी बॉलिंग औसत से भी नीचे है और हमारी फील्डिंग और भी खराब है। यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है।" आपको बता दें, लॉर्ड्स में पाकिस्तान की टीम को जैसे ही हार मिली तो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मोहम्म्द रिजवान और इमाम उल हक जैसे 7 खिलाड़ियों को बाहर कर दिया था।
ताली दो हाथ से बज सकती है- अकरम
यहां तक कि टेस्ट टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल का भी रिटर्न टिकट पाकिस्तान का पीसीबी ने काट दिया था। यहां तक कि कप्तान बाबर आजम को भी इस बारे में खबरों से ही पता चला। ये बहुत ज्यादा चौंकाने वाली बात रही। वसीम अकरम बतौर कप्तान भी इंग्लैंड में सीरीज जीते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्लेयर्स के लिए बुरा लग रहा है, लेकिन उन्हें नहीं लगता कि वे अपने एटीट्यूड से खुद की बहुत ज्यादा मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में एक कहावत है, 'ताली केवल दो हाथों से ही बजाई जा सकती है'।"
फर्स्ट क्लास स्ट्रक्चर बदल गया है- अकरम
वसीम अकरम ने आगे कहा, “मुझसे हर समय पूछा जाता है, ‘क्या आप पाकिस्तान क्रिकेट की मदद के लिए कुछ कर सकते हैं?’ लेकिन मुद्दे बहुत गहरे हैं। ये टॉप खिलाड़ी हैं, वहां और कुछ नहीं है। सिस्टम उसके नीचे नहीं हैं। पिछले कुछ सालों में घरेलू फर्स्ट-क्लास स्ट्रक्चर पूरी तरह से बदल गया है और कोई कंसिस्टेंसी नहीं है, कोई सब्र नहीं है। यह बात फैंस तक भी पहुंचती है। वे टीम को हारते हुए देखते हैं और वे भी सब कुछ तहस-नहस कर देना चाहते हैं। हमने ऐसा कई बार किया है और अब सच में कुछ नहीं बचा है।"



