खतरें में वॉशिंगटन सुंदर की टी20 टीम में जगह? 61 मैचों के बाद भी नहीं जीत पाए टीम मैनेजमेंट का भरोसा
वॉशिंगटन सुंदर की भारतीय टी20 टीम में जगह खतरे में है। उन्हें लगातार मौके मिल रहे हैं लेकिन उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और मैच के दौरान ज्यादा मौका नहीं मिलने पर भी बहस शुरू हो गई है।

आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के पहले मुकाबले में भारत की चौंकाने वाली हार के बाद टीम में वॉशिंगटन सुंदर की भूमिका को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सवाल यह है कि क्या वह एक ऐसे बल्लेबाज हैं जो उपयोगी ऑफ-स्पिन भी कर सकते हैं या फिर एक विशेषज्ञ ऑफ-स्पिनर हैं जो जरूरत पड़ने पर बल्ले से योगदान दे सकते हैं? वॉशिंगटन सुंदर ने आयरलैंड के खिलाफ केवल एक ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने 19 रन खर्च किए। बल्लेबाजी में उन्होंने 12 गेंदों पर नौ रन बनाए। यह केवल एक मैच की बात नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से यह प्रश्न लगातार चर्चा में बना हुआ है। टीम प्रबंधन द्वारा उनके उपयोग के तरीके ने इस बहस को और भी स्पष्ट कर दिया है।
वॉशिंगटन सुंदर ने खेले हैं 61 मैच
इस 26 वर्षीय इस ऑलराउंडर को अब तक न तो एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में देखा गया है और न ही एक ऐसे स्पिनर के रूप में, जिनके खिलाफ विपक्षी टीमें विशेष रणनीति बनाकर उतरें। उन्होंने अब तक 61 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 26 पारियां बल्लेबाजी की हैं, जिनमें उनका स्ट्राइक रेट 130 से कम रहा है। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 57 पारियों में 51 विकेट लिए हैं, लेकिन उनका औसत इकॉनमी सात से अधिक रहा है, जिसे औसत प्रदर्शन माना जा सकता है।
आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि उन्होंने कुल 1049 वैध गेंदें फेंकी हैं, जो प्रति मैच लगभग 17 गेंदों के बराबर है। इसके मायने यह कि अधिकांश मौकों पर उन्हें अपना गेंदबाजी कोटा पूरा करने का अवसर नहीं मिला। हाल के वर्षों में टी20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी की बढ़ती मांग के कारण उनकी भूमिका और सीमित होती दिखाई दी है। पिछले 12 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनका उपयोग असंगत रहा है। कभी एक ओवर, कभी दो ओवर, जबकि इन 12 में से केवल दो मैचों में ही उन्होंने चार ओवर पूरे किए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मुकाबले में उन्होंने 1.2 ओवर में तीन रन पर तीन विकेट (सर्वश्रेष्ठ टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन) का प्रभावशाली प्रदर्शन किया था, हालांकि ये विकेट निचले क्रम के बल्लेबाजों के थे।
अश्विन ने किया सपोर्ट
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपने यूट्यूब कार्यक्रम 'ऐश की बात' में इस भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "वॉशिंगटन को टीम में लगातार समर्थन मिल रहा है, लेकिन उनकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। कभी उन्हें एक ओवर मिलता है, कभी बिल्कुल नहीं।" उन्होंने कहा, “ अगर आपको याद हो तो टी20 विश्व कप में उप-कप्तान अक्षर पटेल को बाहर कर वॉशिंगटन को मौका दिया गया था, जो टीम प्रबंधन के भरोसे को दर्शाता है।”
अश्विन ने कहा, "उन्हें फिनिशर (आखिरी ओवरों के विशेषज्ञ) के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि वह उस भूमिका के खिलाड़ी नहीं हैं। उन्हें अगर लंबे समय तक टीम में रखना है तो उन्हें अक्षर पटेल की तरह स्पष्ट भूमिका दी जानी चाहिए, जैसा कि कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान रोहित शर्मा के समय अक्षर का फ्लोटर (जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी क्रम) के रूप में किया जाता था।" उन्होंने कहा, "वॉशिंगटन को भी स्पष्ट भूमिका और पूरा चार ओवर का कोटा मिलना चाहिए। उन्हें अगर यह अवसर नहीं दिया जाता, तो वह एक भरोसेमंद हरफनमौला के रूप में कैसे उभरेंगे।''
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Himanshu Singhहिमांशु सिंह (कंटेंट प्रोड्यूसर)
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