अभिषेक शर्मा से भी बदतर थी विराट कोहली की फॉर्म, लेकिन फाइनल में मिटा दिए थे सारे दाग
अभिषेक शर्मा ने टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले से पहले अब तक खेले गए 7 मैचों की 7 पारियों में 89 रन बनाए है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि टी-20 विश्व कप के 2024 के फाइनल मुकाबले से पहले विराट कोहली ने सिर्फ 75 रन बनाए थे।

टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की फॉर्म पूरी तरह से खराब है। उनके करियर का यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है और इतना खराब जा रहा है, जिसकी कल्पना खुद अभिषेक शर्मा ने भी नहीं की होगी। हालांकि, बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को इससे ज्यादा तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि पूरे आत्मविश्वास के साथ फाइनल मुकाबले में मैदान पर उतरकर बल्लेबाजी करनी होगी। इतनी खराब हालात में सिर्फ अभिषेक शर्मा ही नहीं फंसे हैं, बल्कि 2024 के टी-20 विश्व कप में विराट कोहली इससे भी गई गुजरी फॉर्म से जूझ रहे थे।
अभिषेक शर्मा ने टी-20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले से पहले अब तक खेले गए 7 मुकाबलों की 7 पारियों में 89 रन बनाए है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि टी-20 विश्व कप के 2024 के फाइनल मुकाबले से पहले विराट कोहली ने इससे भी कम रन बनाए थे। क्रिकेट के किंग के नाम से मशहूर विराट कोहली उस टूर्नामेंट में अभिषेक शर्मा से भी बदतर फॉर्म में थे और फाइनल से पहले 7 मैचों की 7 पारियों में सिर्फ 75 रन ही बना सके थे। तुलनात्मक रूप से अभिषेक शर्मा विराट कोहली से 14 रन आगे हैं।
विराट कोहली ने विश्व कप 2024 में आयरलैंड के खिलाफ पांच गेंदों में 1 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 3 गेंदों में 4 रन, अमेरिका के खिलाफ 1 गेंद में शून्य रन, अफगानिस्तान के खिलाफ 24 गेंदों में 24 रन, बांग्लादेश के खिलाफ 28 गेंदों में 37 रन, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 गेंदों में शून्य रन और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 9 गेंदों में 9 रन बनाए थे। कुल मिलाकर विराट कोहली का स्कोरकार्ड किसी मोबाइल नंबर की तरह नजर आ रहा था। 1, 4, 0, 24, 37, 0, 9 यानी उन्होंने कुल 7 पारियों में 75 रन बनाए थे। विराट कोहली का यह टूर्नामेंट अभिषेक शर्मा के मौजूदा टूर्नामेंट से काफी समानता रखता है। अभिषेक ने अब तक 7 पारियों में अमेरिका के खिलाफ 1 गेंद में 0, पाकिस्तान के खिलाफ चार गेंद में 0, नीदरलैंड के खिलाफ तीन गेंद में 0, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 12 गेंदों में 15 रन, जिम्बाब्वे के खिलाफ 30 गेंदों में 55 रन, वेस्टइंडीज के खिलाफ 11 गेंदों में 10 रन और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 7 गेंदों में 9 रन। अभिषेक शर्मा का यह स्कोरकार्ड किसी टोल फ्री नंबर की तरह नजर आता है। 0, 0, 0, 15, 55, 10, 9 यानी उन्होंने कुल 7 पारियों में 89 रन बनाए हैं। अभिषेक ने नामीबिया के खिलाफ पेट में खराबी के कारण मैच नहीं खेला था।
विराट कोहली भले ही 2024 के विश्व कप पिछली 7 पारियों में सिर्फ 75 रन ही बना सके थे, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जब सारे बल्लेबाज सस्ते में आउट हो रहे थे तब उन्होंने सारे पाप धोते हुए 59 गेंदों में 76 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी और भारत एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचकर वह मुकाबला अपने नाम कर पाया था और 2011 के बाद आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। अब अभिषेक शर्मा के पास खोने के लिए इस टूर्नामेंट में कुछ भी नहीं है, लेकिन विराट कोहली की तरह पाने को सबकुछ पड़ा है। पूरी संभावना है कि टीम मैनेजमेंट उन पर भरोसा दिखाएगी और फाइनल में वे भारत की प्लेइंग 11 का हिस्सा होंगे। अभिषेक के पास विराट कोहली की तरह फाइनल में प्रदर्शन करने का शानदार मौका है और इससे वे अपने आलोचकों का मुंह भी बंद कर सकते हैं। विराट कोहली की तरह पूरा देश उन्हें शाबाशी देगा, बस उनसे फाइनल मुकाबले में बड़ी पारी की उम्मीद है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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