विराट कोहली ने वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर कही लाख टके की बात, बताया कब इससे बचना है जरूरी
विराट कोहली की डिक्शनरी में वर्कलोड मैनेजमेंट है ही नहीं। उनका मानना है कि अगर वर्कलोड मैनेजमेंट किया जाने लगे तो खिलाड़ी अपनी पूर्ण क्षमता हासिल ही नहीं कर पाएगा। आरसीबी इनोवेशन लैब के इंडियन स्पोर्ट समिट में कोहली ने कहा कि वह वर्कलोड को मैनेज करने में यकीन नहीं करते हैं।

वर्कलोड मैनेजमेंट। हालिया महीनों में भारतीय क्रिकेट में ये शब्द काफी प्रचलित हुआ है। इसका ध्यान रखना कि खिलाड़ियों पर इतना लोड न पड़े कि उन पर नकारात्मक असर पड़े। वर्कलोड मैनेजमेंट का सबसे चर्चित मामला सुपर स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह का है। बीसीसीआई उनके वर्कलोड को मैनेज करने के लिए काफी मशक्कत करती है। सबसे हालिया मामला आईपीएल 2026 में रविंद्र जडेजा का है। उन्हें 'वर्कलोड मैनेजमेंट' के तहत ही राजस्थान रॉयल्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच में नहीं उतारा था। लेकिन विराट कोहली की डिक्शनरी में वर्कलोड मैनेजमेंट है ही नहीं। उनका मानना है कि अगर वर्कलोड मैनेजमेंट किया जाने लगे तो खिलाड़ी अपनी पूर्ण क्षमता हासिल ही नहीं कर पाएगा।
बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में आरसीबी इनोवेशन लैब के इंडियन स्पोर्ट्स समिट में विराट कोहली ने गुरुवार को कहा कि वह वर्कलोड मैनेजमेंट में यकीन नहीं करते हैं।
किंग कोहली ने कहा, 'मैं वर्कलोड को मैनेज करने में यकीन नहीं करता। तब जब आप अपने करियर में आगे बढ़ रहे हों। आपको सबसे पहले तो अपनी अधिकतम सीमा समझनी होगी। और उसके बाद आपको उस संतुलन को समझना होगा कि आप कितना कुछ कर सकते हैं या कब आपको खुद को थोड़ी ढील देना शुरू करना है। लेकिन आप अपने करियर के शुरुआती दौर में ही उसे मैनेज करना नहीं शुरू कर सकते, इससे तो आप अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच ही नहीं पाएंगे। मैं इसी तरह काम करता हूं।'
37 साल के विराट कोहली टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं और फिलहाल सिर्फ ओडीआई खेलते हैं। उनसे जब ये पूछा गया कि वो क्या चीज है जो आप को आगे बढ़ाती रहती है तो उनका जवाब था- भूख।
कोहली ने कहा, 'ये भूख है। बहुत सारे लोग आजकल भूख को पैसे से जोड़कर देखते हैं। हां, ये एक बड़ा फैक्टर है क्योंकि जब एक फॉर्मेट आपको हाईप और मान्यता दिलाता है, 20 गेंद में 40-50 रन बनाने की शोहरत दिलाता है तो लोग उससे पैसे बना सकते हैं जैसा कि आज आईपीएल में होता है...मुझे बहुत लंबे वक्त तक दबाव झेलने की जरूरत नहीं है। मुझे सिर्फ वहां जाना है गेंद की धुनाई करनी है...या आप कह सकते हैं कि मैं 15-20 वर्ष खेलना चाहता हूं। मैं क्रिकेट जगत से सम्मान पाना चाहता हूं, अपने खुद के हीरो से और मैं इस मौके को भुनाना चाहता हूं। आपके अंदर ऐसी भूख होनी चाहिए कि आप कहें कि मैं अगले 10-15 वर्ष तक यही करना चाहता हूं, यह बहुत, बहुत ही मुश्किल होने वाला है लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।'
इस दौरान उन्होंने खुद को मुश्किल दौर से उबारने में भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और पूर्व बैटिंग कोच विक्रम राठौर को श्रेय दिया।
कोहली के लिए 2021 से 2022 का वक्त काफी मुश्किल रहा था। उस दौरान वह टेस्ट में काफी संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने 2021 में 28.21 और 2022 में महज 26.5 की औसत से रन बनाए थे। तब राहुल द्रविड़ और विक्रम राठौर ने उनकी मदद की और 2023 में टेस्ट में चल रहे रनों के सूखे को खत्म किया था। विराट कोहली ने कहा, 'राहुल भाई और विक्रम राठौर। मैं ये कई बार कह चुका हूं। मैं जब भी उन्हें देखता हूं, जब भी उनसे मिलता हूं तो मैं हमेशा उनको अपने दिल की गहराइयों से धन्यवाद देता हूं।'
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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