विराट कोहली और रोहित शर्मा ने खींचा हाथ, फिर भी नहीं रुके टीम इंडिया के धुरंधर, सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा
Rohit Sharma and Virat Kohli failed in first ODI Vs england: एजबेस्टन में भारत 6 विकेट से जीता। 2016 के बाद यह दूसरी बार है रोहित शर्मा और विराट कोहली ने किसी वनडे मैच में 250 से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए 50 से कम रन बनाए हैं और टीम इंडिया ने मुकाबला जीत लिया है।

Rohit Sharma and Virat Kohli failed in first ODI Vs england: भारत और इंग्लैंड के बीच एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली का बल्ला नहीं चला। रोहित शर्मा ने 21 गेदों में 11 रन बनाए, तो विराट कोहली ने केवल 6 गेदों का सामना करते हुए 5 रन बनाए। इन दोनों बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर 16 रन बनाए। हालांकि, इनके ना चलने के बावजूद टीम इंडिया ने 259 रनों के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया। बिना रोहित शर्मा और विराट कोहली के चले वनडे क्रिकेट में जीत हासिल करना भारतीय टीम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसा इसलिए क्योंकि आंकड़े कहते हैं कि 2016 के बाद यह केवल दूसरी बार है, जब भारत ने वनडे क्रिकेट में 250 से अधिक रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए तब जीत हासिल की है, जब विराट कोहली और रोहित शर्मा में से किसी ने भी 50 रन नहीं बनाए हैं। इससे पहले यह कारनामा साल 2022 में ओल्ड ट्रैफर्ड के मैदान में इंग्लैंड के खिलाफ हुआ था, जब इंग्लिश टीम ने भारत के सामने 260 रनों का लक्ष्य रखा था, लेकिन टीम इंडिया ने इस मुकाबले को रोहित विराट में से किसी के बिना अर्धशतक जड़े ही जीत लिया था। मुकाबले में रोहित और विराट दोनों ने 17-17 रन बनाए थे।
बिना विराट रोहित के चले मिली जीत
रोहित और विराट कोहली भारतीय बैटिंग लाइनअप की रीढ़ की हड्डी लंबे समय से रहे हैं। 2013 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से 2019 तक ऐसा लगातार हुआ था कि ज्यादातर मुकाबले टॉप-3 बल्लेबाज शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली ही फिनिश कर देते थे। हालांकि, 2019 के बाद शिखर धवन के करियर में डिप आने लगा और उसके बाद रोहित और विराट ने मोर्चा संभाला बाद में शुभमन गिल टीम के साथ जुड़े। आज भी भारत को जीत हासिल करने के लिए वनडे मैच में ये टॉप-3 बल्लेबाज अहम भूमिका निभाते हैं। शुभमन गिल की 80 रनों की पारी आज के मुकाबले में नहीं आती तो जीत मुश्किल हो सकती थी। रोहित और विराट पर अतिरिक्त निर्भर इस टीम ने 14 जुलाई 2026 को एजबेस्टन में दिखा दिया कि उनके बिना भी मुकाबले जीते जा सकते हैं। इस मुकाबले में अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर ने ना सिर्फ अपनी उपयोगिता साबित की, बल्कि यह भी बताया कि भारतीय टीम का लोअर मिडिल आर्डर बिल्कुल कमजोर नहीं है। यह मैच जिताने की काबिलियत रखता है। यही कारण है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल और श्रेयस अय्यर के जल्दी आउट हो जाने के बाद भी भारत ने 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले में 258 रन बनाए थे और भारत के सामने 259 रनों का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को टीम इंडिया ने वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शुभमन गिल के अर्धशतकों की मदद से आसानी से हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने पहली पारी में चार, गुरनूर बराड़ और प्रसिद्ध कृष्णा ने दो-दो और शिवम दुबे और बुमराह ने एक- एक विकेट हासिल किए थे। इंग्लैंड की तरफ से लियाम डॉसन और जो रूट ने अर्धशतकीय पारियां खेली थीं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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