किस्मत के भरोसे बैटिंग करते हैं वैभव सूर्यवंशी, जानिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने ऐसा क्यों कहा?
पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथ्थपा ने वैभव सूर्यवंशी के भविष्य को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने वैभव की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार खिलाड़ी जरूर बताया है, लेकिन इसी तकनीक से अगर खेलते रहे तो भविष्य को लेकर चिंता भी जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि वे किस्समत के भरोसे खेलेते हैं।

वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे हैं। पिछले सीजन राजस्थान रॉयल्स की टीम में डेब्यू करने वाले वैभव सूर्यवंशी अब लगभग किसी भी पहचान के मोहताज नहीं रह गए हैं। आईपीएल में शतक जड़कर उन्होंने दिखा दिया था कि वे किस कैलीबर के प्लेयर हैं। उन्होंने आईपीएल 2025 में 200 से अधिक की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की थी। इतना ही नहीं, वैभव ने साल 2026 में संपन्न हुए अंडर-19 विश्व कप में भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की दमदार पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने भारत को फाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत दिलाई थी, क्योंकि स्कोरबोर्ड पर पहले बल्लेबाजी करते हुए 400 से अधिक का स्कोर लग गया था।
वैभव सूर्यवंशी हैं तो महज 14 साल के लिए उनके लंबे-लंबे छक्के बताते हैं कि वे कितने बिग हिटर हैं और आगे चलकर क्रिकेट में क्या कर सकते हैं। वैभव ने कई मौकों पर खुद की प्रतिभा को साबित किया है। हालांकि, उनके डिफेंस पर और तकनीक पर अभी भी कई क्रिकेट पंडित और दिग्गज क्रिकेटर आश्वस्त नहीं हो रहे हैं। इस सिलसले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथ्थपा ने वैभव सूर्यवंशी के भविष्य को लेकर टिप्पणी की है। उन्होंने वैभव की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार खिलाड़ी जरूर बताया है, लेकिन इसी तकनीक से अगर खेलते रहे तो भविष्य को लेकर चिंता भी जाहिर की है।
रॉबिन उथ्थपा ने वैभव के बारे में कही ये बातें
रॉबिन उथप्पा ने जियोस्टार से बातचीत में कहा कि "मैंने वैभव को काफी करीब से देखा है और वह एक शानदार खिलाड़ी हैं। लेकिन अगर आप उन्हें बल्लेबाजी करते हुए देखेंगे तो काफी कुछ उनकी किस्मत पर निर्भर करता है।" उन्होंने आगे कहा, "क्योंकि वह किस्मत के भरोसे खेलते हैं,इसलिए टॉप लेवल के क्रिकेट में केवल किस्मत के सहारे ज्यादा लंबे समय तक टिक पाना मुश्किल है।" उथ्थपा ने कहा, "सभी जानते हैं कि गेंदबाज आपको कहां गेंदबाजी करेंगे और आपकी कमजोरियां क्या हैं। इसलिए वैभव को इस सीजन काफी कुछ सीखने को मिलेगा। वह रन तो बनाएंगे, लेकिन पिछले साल की फॉर्म को बरकरार रखना मुश्किल होगा।"
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भविष्य में वैभव सूर्यवंशी रॉबिन उथ्थपा को गलत साबित कर पाएंगे या रॉबिन सही होंगे। आईपीएल के पिछले सीजन की बात करें तो उन्हें पूरे मैच खेलने को नहीं मिले थे, लेकिन इस बार उनक कद थोड़ा बढ़ा है और उम्मीद है कि वे सभी 14 मैचों में राजस्थान रॉयल्स की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा रहेंगे और शानदार बल्लेबाजी करके यशस्वी जायसवाल के साथ रियान पराग की कप्तानी वाली टीम को आगे ले जाएंगे।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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