वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद ने उड़ाया गर्दा, जड़ दिया अपने करियर का पहला शतक, पिता गदगद
वैभव सूर्यवंशी के भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने अपनी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी का परिचय देते हुए समस्तीपुर के एक लोकल प्रैक्टिस मैच में 83 गेंदों में 103 रनों की ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेली है। यह उनके करियर का पहला शतक है। इससे पिता और पूरा परिवार खुश है।

भारतीय क्रिकेट के 15 वर्षीय वंडर ब्वॉय वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने भी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए शतक जड़ दिया है। उन्होंने अपने करियर का पहला शतक जड़ा है। उन्होंने समस्तीपुर के स्थानीय प्रैक्टिस मैच में शतक जड़ा, जिसकी जानकारी उनके बड़े भाई उज्जवल सूर्यवंशी ने इंस्टाग्राम के माध्यम से दी।
आशीर्वाद सूर्यवंशी ने खेली 83 गेंदों में 103 रनों की पारी
वैभव सूर्यवंशी के छोटे भाई आशीर्वाद सूर्यवंशी ने यह शतक समस्तीपुर के एक स्थानीय प्रैक्टिस मैच के दौरान बनाया, जहां उन्होंने अपने भाई वैभव सूर्यवंशी के अंदाज में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी नहीं की, बल्कि बहुत संयमित अंदाज में सेंचुरी पूरी की। आशीर्वाद सूर्यवंशी ने बहुत सूझबूझ और संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 83 गेंद में 103 रन बनाए। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान 20 चौके और एक छक्का लगाया। अंत में प्रशांत राज ने आशीर्वाद सूर्यवंशी का विकेट लिया। उनका कैच आयुष सिंह ने पकड़ा।
बड़े भाई उज्जवल सूर्यवंशी ने दी जानकारी
आशीर्वाद के इस शतक की जानकारी उनके और वैभव सूर्यवंशी के बड़े भाई उज्जवल सूर्यवंशी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि यह आशीर्वाद सूर्यवंशी के करियर का पहला शतक है। उज्जवल ने इंस्टाग्राम स्टोरी में मैच की तस्वीर और स्कोर कार्ड शेयर करते हुए यह जानकारी साझा की।
पिता संजीव सूर्यवंशी भी हुए खुश, फेसबुक पर किया पोस्ट
आशीर्वाद सूर्यवंशी की शानदार शतकीय पारी से उनके पिता संजीव सूर्यवंशी भी काफी खुश नजर आए और फेसबुक के माध्यम से अपनी खुशी जाहिर की। आशीर्वाद और वैभव के पिता संजीव ने लिखा "मेरे छोटे बेटे ने आज प्रैक्टिस मैच में अपना पहला शतक बनाया है। आप सबसे अनुरोध है कि आशीर्वाद पर भी अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।"
वैभव की तरह दो साल में आर्शीवाद को भी बना देंगे
बता दें कि वैभव सूर्यवंशी के पिता संजीव सूर्यवंशी ने हाल ही में एक वीडियो में कहा था कि हम अपने छोटे बेटे को भी वैभव की तरह 2 साल में बना लेंगे। उसके तुरंत बाद आशीर्वाद सूर्यवंशी में यह शतक जड़ा है।
वैभव श्रीलंका में और आशीर्वाद बिहार में उड़ा रहे गर्दा
वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में इस सीजन शानदार बल्लेबाजी करते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। उन्होंने आईपीएल में साल 2025 में डेब्यू किया था। राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हैं, जबकि फिलहाल, वे भारतीय ए टीम की ओर से बतौर सलामी बल्लेबाज अफगानिस्तान और श्रीलंका के खिलाफ ट्राई नेशन सीरीज खेल रहे हैं। उनके भाई बिहार में लोकल क्रिकेट खेल रहे हैं। पूरा परिवार बिहार में रहता है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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