अब वैभव सूर्यवंशी की राह में संजू भी रोड़ा नहीं, जिम्बाब्वे में खुद को साबित करने का है सुनहरा मौका
जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी के मार्ग में कोई भी बाधा नहीं है। उनका रास्ता साफ है। इस सीरीज में संजू के ना होने से वे भारत के प्राथमिक सलामी बल्लेबाज होंगे। उन्हें तीनों मैचों में मौका मिल सकता है। बस खुद को साबित करने का मौका है।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन टी-20 मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में शाम साढ़े चार बजे से खेला जाएगा। यह भारतीय समय है। दूसरा मैच 25 जुलाई और तीसरा मुकाबला 26 जुलाई को होगा। इन तीन मैचों की सीरीज में 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है। आयरलैंड सीरीज में उन्हें एक भी मैच में मौका नहीं मिला था और इंग्लैंड सीरीज में पांच में से सिर्फ तीन मुकाबलों में खेलने का मौका मिला था, जिसमें खुद को वैभव सूर्यवंशी साबित नहीं कर पाए थे। आखिरी मुकाबले में उन्हें बाहर करके संजू सैमसन को खिलाया गया था। वह पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी, लेकिन वैभव को मौका नहीं मिला।
संजू की वजह से कम मिले थे मौके
इंग्लैंड के खिलाफ इस उभरते हुए बल्लेबाज ने तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13 और 15 रन बनाए। भारत ने श्रृंखला 0-4 से गंवाई। इनमें से दो पारियों में सूर्यवंशी जोफ्रा आर्चर की शॉर्ट गेंद पर आउट हुए। आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज में वैभव सूर्यवंशी के लिए सबसे मुश्किलों भरा संजू सैमसन की छाया में रहना रहा। विश्व कप 2026 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू को टीम मैनेजमेंट ने आयरलैंड सीरीज में बाहर नहीं करने का फैसला किया और वे दोनों मैच खेले, जिसमें फेल हुए। इंग्लैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में भी उन्हें बैक किया गया। लेकिन जब यहां भी संजू का बल्ला नहीं चला तो दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच से लगातार तीन मुकाबलों तक संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया। भारत लगातार मुकाबला हारती रही और वैभव का बल्ला भी खामोश रहा जिसकी वजह से उन्हें अंतिम टी-20 मैच में प्लेइंग 11 से बाहर करके फिर से संजू को लाया गया। यानी इन दोनों सीरीजों में वैभव के लिए सबसे मुश्किल संजू की चुनौती रही, क्योंकि टीम मैनेजमेंट खुद कन्फ्यूजन में दिखी कि वैभव को प्लेइंग 11 में जगह दी जाए या संजू के साथ उतरा जाए।
अब रास्ता साफ, सुनहरा मौका
हालांकि, अब जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव का रास्ता साफ हो गया है। क्योंकि इस सीरीज के संजू सैमसन को नहीं चुना गया है। ऐसे में अभिषेक शर्मा के साथ जो पहली पसंद के सलामी बल्लेबाज होंगे वह वैभव सूर्यवंशी ही होंगे। ईशान किशन की फॉर्म अच्छी रहती है और वैभव का भी बल्ला चलता है तो वे तीनों मुकाबलों में भारत की प्लेइंग 11 का हिस्सा रह सकते हैं। इंग्लैंड सीरीज में जब वैभव के बल्ले से रन नहीं आए तो तमाम तरह की ऐसी बातें कही गईं कि यह आईपीएल के पाटा विकेट नहीं हैं। हालांकि, अब जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव के पास मौका भी है और दस्तूर भी खुद को साबित करने का है। वे तीन मुकाबलों में एक भी बड़ी पारी खेलकर खुद को साबित कर सकते हैं। अभिषेक शर्मा का करियर भी जिम्बाब्वे सीरीज से ही शुरू हुआ था। अब देखना दिलचस्प होगा वैभव सूर्यवंशी क्या कमाल दिखाते हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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