वैभव सूर्यवंशी ने श्रीलंकाई खिलाड़ी को दिया था धक्का, क्या उन पर बैन लगेगा? जानिए क्या कहते हैं नियम
वैभव सूर्यवंशी ने गुस्से में श्रीलंकाई खिलाड़ी को दिया था धक्का, क्या इस मामले में उन पर कोई कार्रवाई होगी या बैन लगेगा? इसके बारे में नियम जान लीजिए। मामला बहुत ज्यादा विवादास्पद हो गया था।

इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए मैच बहुत ही ज्यादा विवादों से घिरा रहा। पहले तो श्रीलंका की टीम को 10 रन पेनल्टी के रूप में अंपायर ने दिए। आखिरी गेंद पर भारत जीत सकता था, लेकिन नो शॉट ऑफर नहीं दिया। खराब लाइट में सुपर ओवर कराया गया। सुपर ओवर में भी थर्ड अंपायर ने हाईट की नो बॉल दी। भारतीय कप्तान ने आवाज भी उठाई, लेकिन फिर मैच खेला गया। सुपर ओवर में बल्लेबाजी के लिए वैभव सूर्यवंशी आए, जो 17 रनों की चेज नहीं करा सके। सुपर ओवर के बाद जब वैभव लौट रहे थे तो फिर से ड्रामा हो गया, जहां सूर्यवंशी ने श्रीलंका के एक खिलाड़ी को धक्का दे दिया। ऐसे में सवाल ये है कि क्या इस मामले में वैभव पर कोई कार्रवाई होगी या उन पर बैन लगेगा? इसके बारे में जान लीजिए।
पहले समझिए कि मामला क्या है?
दरअसल, जब सुपर ओवर में वैभव सूर्यवंशी 17 रन नहीं बना सके तो श्रीलंका के एक खिलाड़ी ने उन्हें बार-बार टीज किया। संभावित तौर पर वैभव से विशेन हलमबगे ने कहा कि मैच खत्म हुआ, जाओ घर जाओ। इस दौरान रिपोर्ट्स हैं कि इस दौरान उन्होंने गाली भी दी। इस पर वैभव को गुस्सा आया उन्होंने हलमबगे को धक्का दे दिया। हलमबगे ने भी पलटवार करते हुए वैभव को धक्का दिया। बाद में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एकदूसरे को समझाया और मामला शांत हुआ, लेकिन यह सीधे तौर पर आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन है।
वैसे तो इस जेंटलमैन्स गेम में आपको किसी भी खिलाड़ी, साथी या सपोर्ट स्टाफ से अनुचित शारीरिक संपर्क यानी हाथापाई नहीं करनी होती है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने प्लेइंग कंडीशन्स में तमाम तरह के ऐक्शन इन मामलों के लिए बनाए हुए हैं। देखा जाए तो वैभव सूर्यवंशी का यह कदम सीधे तौर पर आईसीसी की आचार संहिता के आर्टिकल 2.12 के तहत आता है और कम से कम लेवल 1 उल्लंघन है। लेवल 2 का भी दोषी उन्हें पाया जा सकता है। हालांकि, कहानी कुछ और है।
दरअसल, इस हाथापाई या धक्का-मुक्की के गंभीर नतीजे हो सकते थे। हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल आम तौर पर A टीम सीरीज से जुड़े डिसिप्लिनरी मामलों पर फैसला नहीं करती है। न ही वह ऐसी सीरीज के लिए मैच ऑफिशियल्स को अपॉइंट करती है। ऐसे में किसी भी तरह की कार्रवाई इस 15 साल के लड़के पर होने वाली नहीं है। अगर आईसीसी के आधिकारी इसमें शामिल होते तो उनको कम से कम फटकार लगाई जा सकती थी और मैच फीस का 50 फीसदी तक जुर्माना लेवल 1 के लिए लगता, लेकिन यह लेवल 2 का भी मामला लगता है, जिसमें उन पर एक या दो मैच का बैन और 100 फीसदी मैच फीस का भी जुर्माना लग सकता था।
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Vikash Gaurविकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स
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