वैभव सूर्यवंशी से लेकर रवि शास्त्री और जय शाह तक, महान गैरी सोबर्स के निधन से शोक में डूबा संपूर्ण क्रिकेट जगत
वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटरों में से एक सर गैरी सोबर्स के निधन से पूरा क्रिकेट जगत शोक में डूबा है। कई क्रिकेटरों और क्रिकेट प्रशासकों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वैभव सूर्यवंशी से लेकर, रवि शास्त्री और जय शाह तक ने क्या कुछ कहा है, जानिए।

वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर सर गारफील्ड सोबर्स के निधन के साथ क्रिकेट जगत शोक में डूब गया और दुनिया भर के मौजूदा और पूर्व क्रिकेटरों ने उन्हें श्रृद्धांजलि दी है । सर गैरी सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में बारबाडोस में शुक्रवार को निधन हो गया । उनके निधन पर क्रिकेट जगत ने सोशल मीडिया पर शोक जताया है ।
ICC, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री ने क्या लिखा?
आईसीसी ने सोबर्स के निधन पर लिखा “ महानतम क्रिकेटरों में से एक, सर गारफील्ड सोबर्स का निधन। उनके परिवार, दोस्तों और वेस्टइंडीज क्रिकेट के प्रति हमारी संवेदना। आईसीसी 'हाल आफ फेमर' को विदाई। पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने इसे अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने लिखा- ”क्रिकेट जगत की अपूरणीय क्षति। उस पीढी में उनका कौशल देखकर कई क्रिकेटर अपनी प्रतिभा का आकलन करते थे। नायाब खिलाड़ियों में से एक। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।" पूर्व भारतीय बल्लेबाज, कोच और मशहूर कमेंट्रेटर रवि शास्त्री ने सोबर्स को याद करते हुए लिखा "मेरे जीवन के सबसे महान क्रिकेटर। बस उस दौर और योगदान को देख रहा हूं जिसका कोई सानी नहीं है। मेरे हीरो। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दे सर गैरी।
दिलीप वेंगसरकर, हरभजन, वैभव सूर्यवंशी ने व्यक्त की संवेदना
दिलीप वेंगसरकर ने पीटीआई से कहा : मैने उन्हें कभी खेलते नहीं देखा लेकिन उनके बारे में कई कहानियां सुनी हैं। उनकी बल्लेबाजी की क्लिप्स देखी हैं और 1971 में उनकी बल्लेबाजी पर रिकॉर्ड की गई फिल्म देखी है। उनके टेस्ट रिकॉर्ड अद्भुत हैं । महानतम हरफनमौला। क्रिकेट जगत के लिये यह दुखद दिन है। हरभजन सिंह ने लिखा “क्रिकेट जगत ने अपने नायाब नगीनों में से एक को खो दिया। सर गैरी सोबर्स एक लीजैंड से कहीं अधिक थे। वह महानता की परिभाषा थे जिन्होंने असाधारण कौशल और विनम्रता से कई पीढियों को प्रभावित किया। आप दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में हमेशा अमर रहेंगे। आपको कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।” 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने लिखा- “कभी सर गैरी सोबर्स को खेलते नहीं देखा, लेकिन उनकी महानता के किस्से अपने पिता से सुनकर बड़ा हुआ हूं। हर पीढी के महानायक । ओम शांति।”
दिनेश कार्तिक और ICC अध्यक्ष जय शाह ने क्या लिखा?
भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा “हम यह सुनकर बड़े हुए कि सर गारफील्ड सोबर्स मैदान पर क्या कर सकते थे। जीनियस, प्रेरणास्रोत और खेल के असल लीजैंड। क्रिकेट समुदाय ने अपने सबसे बड़े नगीनों में से एक खो दिया। आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ने दुख व्यक्त करते हुए लिखा ”सर गारफील्ड 'गैरी' सोबर्स के निधन से दुखी हूं। विश्व क्रिकेट की कद्दावर हस्ती और खेल के लीजैंड। उनकी अतुल्य उपलब्धियां और खेल को अपार योगदान ने क्रिकेटरों की कई पीढियों को प्रेरित किया। उनके परिवार, बारबाडोस के लोगों और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट समुदाय को मेरी संवेदनायें। आईसीसी ने उनके योगदान को देखते हुए बरसो पहले वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर का पुरस्कार उनके नाम पर रखा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।



