‘वैभव सूर्यवंशी लगाएंगे टेस्ट में सबसे तेज शतक’; पूर्व चयनकर्ता ने सचिन तेंदुलकर से भी की तुलना
वैभव सूर्यवंशी अपने बल्ले से लगातार गदर मचा रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में बतौर भारतीय सबसे तेज शतक जड़ा है। अब पूर्व चयनकर्ता किरन मोरे का कहना है कि वह टेस्ट क्रिकेट में भी सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।

वैभव सूर्यवंशी के बल्ले की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। आईपीएल ही नहीं बल्कि वह डोमेस्टिक क्रिकेट और इंडिया ए के लिए भी लगातार परफॉर्म कर रहे हैं। अब हर किसी को वैभव सूर्यवंशी के इंडिया डेब्यू का इंतजार है। उनका चयन यूके टूर के लिए हुआ है, जहां आयरलैंड के खिलाफ उम्मीद की जा रही है कि उन्हें पहली बार सीनियर टीम में खेलने का मौका मिल सकता है। अगर ऐसा हुआ तो 15 साल के वैभव भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे, इस मामले में वह ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ेंगे जिन्होंने 16 साल 205 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
वैभव सूर्यवंशी को वनडे और टेस्ट में भी मिले मौका
वैभव सूर्यवंशी जैसा टैलेंट देखने के बाद हर क्रिकेट एक्सपर्ट उन्हें फास्ट्रैक करने की मांग कर रहा है। टी20 के अलावा वनडे और टेस्ट में भी उन्हें लोग खेलता और भारत के लिए कमाल करता हुआ देखना चाहते हैं। इस कड़ी में पूर्व भारतीय विकेट कीपर और मुख्य चयनकर्ता किरन मोरे ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। उनका कहना है कि वैभव टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज सेंचुरी का रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं, वो भी लंच से पहले।
लंच से पहले अगर शतक की बात करें तो ऐसा कारनामा बहुत ही कम बल्लेबाजों ने किया है। इस लिस्ट में भारत के शिखर धवन का नाम भी शामिल हैं। उन्होंने 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में ये कमाल किया था।
वैभव सूर्यवंशी टेस्ट में उड़ा देंगे धुआं
किरन मोरे ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, “वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाएगा, वो भी लंच से पहले। अगर मैं कप्तान या चयन समिती में होता तो 100 प्रतिशत वैभव सूर्यवंशी को मौका देता। ये स्पेशल टैलेंट है। पहले गावस्कर थे, फिर सचिन आए, फिर विराट और अब वैभव सूर्यवंशी। ये खिलाड़ी खेलना चाहिए, इसे बनाओ आप।”
उन्होंने आगे वैभव सूर्यवंशी की सचिन तेंदुलकर से तुलना करते हुए कहा, “ग्राउंड पर इसके साथ थोड़ी कॉन्ट्रोवर्सी (श्रीलंका ए दौरे पर विवाद) हो गई, मगर मुझे यकीन था कि वह वापस देगा। ऐसे जो प्लेयर होते हैं, मैंने टेंडलया (सचिन तेंदुलकर) को देखा है, वो भी ऐसा करता था। ऐसे प्लेयर छोड़ते नहीं हैं। 29 गेंदों पर उन्होंने 94 रन बनाए, यह एक अलग प्लेयर है। ”



