सचिन तेंदुलकर से बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं वैभव सूर्यवंशी, लेकिन...पूर्व क्रिकेटर ने दी चेतावनी
वैभव सूर्यवंशी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अभी 6 ही मैच खेले हैं, मगर उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से होने लगी है। कुछ क्रिकेट पंडितों का तो यह भी कहना है कि वह वनडे और टी20 में सचिन से ज्यादा छाप छोड़ सकते हैं।

वैभव सूर्यवंशी के लिए 2026 का यह साल कमाल का रहा है। आईपीएल 2026, अंडर-19 वर्ल्ड कप और इंडिया ए के लिए धमाल मचाने के बाद उन्हें सीनियर टीम में भी बड़ी जल्दी जगह मिल गई। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने तो यह तक कह दिया कि वैभव ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर चयन के लिए दबाव बनाया। वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक इंग्लैंड में 3 और जिम्बाब्वे 3 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, मगर अभी से ही उनके सुनहरे भविष्य की बातें होने लगी है। कोई कहता है कि वह सचिन तेंदुलकर के सारे रिकॉर्ड धवस्त कर सकता है, तो कोई कोहली के रिकॉर्ड्स की तुलना करता है। इस बीच पूर्व क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने चेतावनी जारी की है।
उथप्पा का भी कहना है कि टी20 और वनडे क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी सचिन तेंदुलकर से ज्यादा छाप छोड़ सकते हैं, लेकिन वह अपने करियर को कैसे मैनेज करता है ये देखने वाली बात होगी। दरअसल, भारत को इससे पहले विनोद कांबली और पृथ्वी शॉ जैसे युवा टैलेंडेड खिलाड़ी मिले, मगर वह कम उम्र में मिली ज्यादा चकाचौंध को संभाल नहीं पाए। वैभव सूर्यवंशी को चेतावनी मिली है कि वह क्रिकेट से अपना ध्यान ना भटकाएं।
कॉमबॉक्सटीवी से बात करते हुए रॉबिन उथप्पा ने कहा, "वह व्हाइट-बॉल में तेंदुलकर से ज्यादा असर डाल सकता है। लेकिन वह कैसे मैनेज करता है, यह जरूरी होगा। हमने इंडियन क्रिकेट में रोमांचक खिलाड़ियों को आते देखा है। हमने विनोद कांबली और पृथ्वी शॉ को देखा और पूछना शुरू कर दिया कि जब वे 17-18 साल के थे तो क्या बनेंगे। और फिर अचानक वे रास्ते से भटक जाते हैं।"
भारत के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि सूर्यवंशी के लिए सबसे बड़ी चुनौती उस भूख और मासूमियत को बनाए रखना होगा जिसने अब तक उसकी तरक्की को तय किया है।
उथप्पा ने कहा, "तो यह वैभव का पहला टेस्ट होगा। क्या वह पांच साल तक खेल के लिए एकदम सही रह सकता है? वह अभी 15 साल का है, तो क्या वह 20 साल का होने तक एकदम सही रह सकता है? वह जो है उसमें इतनी मासूमियत है कि आप चाहते हैं कि उसे बचाया जाए।
मुझे यह बात बहुत अच्छी लगी कि वह हर ऐड के लिए मना कर रहा है और सिर्फ क्रिकेट पर फोकस कर रहा है। क्योंकि जब वह 18 साल का होगा, तो उसे एक आदमी के तौर पर देखा जाने लगेगा और लड़कियों का ध्यान उस पर जाएगा। यह भी ध्यान भटकाने वाली बात हो सकती है।"
उथप्पा ने यह भी माना कि किसी भी स्पोर्टिंग करियर में मुश्किलें आना तो लाजमी है और कहा कि इस टीनएजर को शुरुआती सफलता के साथ आने वाले प्रेशर से निपटने के लिए अपने आस-पास सही लोगों की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा, "उसके करियर में मुश्किलें आएंगी, और वह उनसे कैसे उबरता है, यह जरूरी होगा। मुझे बस उम्मीद है कि उसके पास सही सपोर्ट सिस्टम और मेंटर्स हों जो उसे दुनिया से बचा सकें और जब तक वह बाहरी दुनिया को एक्सप्लोर करने के लिए तैयार न हो जाए, तब तक उसे एक बबल में रहने दें। उसका करियर उतना अच्छा नहीं होने वाला जितना हम चाहते हैं। इस सफर में उतार-चढ़ाव तो आएंगे ही," उन्होंने आगे कहा।
लेखक के बारे में
Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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