उस्मान तारिक को गेंदबाजी थमाने में देरी हुई; वकार यूनुस ने बताया पाकिस्तान की हार की वजह
पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप में 61 रन की करारी शिकस्त के बारे में कहा कि जब सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए तो पाकिस्तान की टीम उसी समय इस मैच से बाहर हो गई थी।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप में 61 रन की करारी शिकस्त के बारे में कहा कि जब सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए तो पाकिस्तान की टीम उसी समय इस मैच से बाहर हो गई थी।
'पहली पारी में ही मैच गंवा दिया था पाकिस्तान'
वकार ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, ‘पाकिस्तान ने पहली पारी में ही मैच गंवा दिया। एक बार जब भारत ने 175 रन बना लिए तो मैच पाकिस्तान की पकड़ से बाहर हो गया था। गेंद स्पिन हो रही थी और सूर्यकुमार यादव ने गेंदबाजी में पूरी समझदारी से बदलाव किए।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ने अपने स्पिन गेंदबाजों का उतना अच्छा इस्तेमाल किया जितना भारत ने किया। लेकिन मैच पहली पारी में ही खत्म हो गया था क्योंकि भारत ने बहुत ज्यादा रन बना लिए थे। हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी बहुत अच्छी नहीं है। लेकिन अगर भारत ने 175 की जगह 140 या 150 रन बनाए होते तो शायद स्थिति अलग होती।’
सलामी बल्लेबाज ईशान किशन की 40 गेंदों में खेली गई तूफानी 77 रन की पारी और मध्य क्रम के उपयोगी योगदान से भारत ने बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में पाकिस्तान 18 ओवर में 114 रन पर आउट हो गया।
उस्मान तारिक से गेंदबाजी में देरी से स्थिति मुश्किल बन गई: यूनुस
वकार ने कहा, ‘उन्होंने (सूर्यकुमार ने) हार्दिक पंड्या को शुरुआत में नई गेंद दी। जसप्रीत बुमराह ने हमेशा की तरह स्टंप्स को निशाना बनाकर और गेंद को स्विंग और सीम कर अच्छा प्रदर्शन किया। उसके बाद पाकिस्तान के लिए स्थिति बहुत मुश्किल हो गई। सलमान अली आगा ने उस्मान तारिक को जल्दी गेंदबाजी के लिए न बुलाकर स्थिति को मुश्किल बना दिया।’
उन्होंने कहा, ‘तारिक ने शानदार प्रदर्शन किया, एक विकेट लिया और सिर्फ 24 रन दिए। हम हफ्तों से उनके बारे में बात कर रहे थे। लेकिन उन्हें बहुत देर तक गेंद नहीं सौंपी गई। जब तक उन्हें गेंद मिली, ईशान किशन अपना काम कर चुके थे। यहीं से मैच पाकिस्तान के हाथ से निकल गया।’
गावस्कर ने सूर्या की कप्तानी की जमकर तारीफ की
भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने सूर्यकुमार की परिस्थितियों के अनुसार खेलने के लिए सराहना की।
गावस्कर कहा, ‘सूर्यकुमार ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया है। अमेरिका के खिलाफ मैच में जब भारत 77 रन पर छह विकेट खोकर मुश्किल में था, तब सूर्या ने टीम को संकट से उबारा और यहां पाकिस्तान के खिलाफ जब वह बल्लेबाजी करने आए तब भारत 88 रन पर दो विकेट खो चुका था और फिर उन्होंने 19वें ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए।’
उन्होंने कहा, ‘भले ही वह बेहतर स्ट्राइक रेट से रन नहीं बना पाए लेकिन उन्होंने एक छोर पर डटे रहकर यह सुनिश्चित किया कि विकेट न गिरें।’
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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